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मुक्तक संग्रह

मेरी कलम से... मुल्क का मौसम बदलते जा रहे है! कई लूट गया कई लुटते  जा रहे है! न जाने कितने बेवफ़ा भरे जमाने मे, हर आश़िक का दिल टुटते जा रहे है! बाली चाँदी के थे सोने का दाम क्यो लिखा। जो हुआ ही नही था प्रेम तो अंजाम क्यो लिखा। गर है जरा भी नही मुझ नाचीज़ से दिल्लगी, तो छुप-छुप के मेंहदी से मेरा नाम क्यो लिखा।         बिजली चमक रही है,बादल गरज रहे है। टकराई दो जवानी, सोला धधक रहे है। तूने झुकाई जो निंगाहे, अंधेरा हो आया, वार हमपे हो रहा है,कातिल समझ रहे है। गरजता है बरसता है, प्रणय मनुहार करता है! बड़ी सिद्दत सेअपने,प्यार का इजहार करता है! जरा भी रुठ जाऊँ तो,न आता चैन है उनको, मनाता है  हँसाता है, मुझे वो प्यार करता है! मोहब्बत की कहानी, सुनाने कौन आएगा! दिले नादां पे एतबार, जताने कौन आएगा! वाद़ा रहा कभी तुमसे , खिलाफ़ी नही होगी, तुम्ही गर रूठ जाओगे,मनाने कौन आएगा! मुझे रह रह के तेरा मुस्कुराना याद आता है। वो नजरो से तेरा प्यार जाताना याद आता है। जो पूनम भी, तुझे देखे, तो वो शरमा जाये, वो चेहरे से तेरा जुल्फ़ हटाना याद आया...

सरकार बदल गई

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11 दिसंबर 2018 चुनाव घोषणा, लगातार 15 वर्षों तक भाजपा की सरकार के बाद काग्रेंस सरकार बनने साथ ही जब शराब  की ठेका भाजपा सरकार चला रही थी तब  शराब ने क्या किया इस पर एक व्यंग रचना.. --------------------– शराब पीने से इंसान बदल जाता है। शराबी घर का महौल बदल जाता है। पर आज शराब ने नया ट्रैक पकड़ा है। अपनी व्यापार से सरकार को बदला है। योजना बनेगी अब नई सरकार का तगड़ा। चल रही योजनाओं मे  होगा अब लफड़ा। जनता को पड़ी है नौकरी,बोनस,व्यापार की। मुफ्त मे मिल जाये सब, ऐसे सरकार की। जागरूक जनता है अब बर्बाद नही होगा। एक ही सरकार का  अब राज  नही होगा। देखते है राम मंदिर बनाने मे कितना जोर होगा। वर्षों से चल रही है फैसले का  क्या तोड़ होगा।             पवन नेताम 'श्रीबासु'      सिल्हाटी, स/लोहारा, कबीरधाम @ यह रचना किसी पार्टी विशेष पर नही है अन्यथा न लेवें।

बेटी बचाओ

             -–------गीत---------- बेटी खुशियों की होती छांव..भैया बेटी बचाओ बेटी बचाओ भैया बेटी बचाओ-2  बेटी अंगना.... बेटी के बिना जग अंधियारा, सूना होगा ये जग सारा। गर बेटे को तुम चाहते हो, ब...

मै बलिदान हो जाहूं

मोर धरती हे पावन भुइंया...-एला माथ नवाहू। भारत भुइयां के रक्षा खातिर मै बलिदान हो जाहूं।                   जनम धरिन इहे गौतम गांधी,अवंतिका लक्ष्मी रानी ह। इही धरती के सेवा कर...

Leja Leja re

https://youtu.be/IoMTVZIZFOE

हमर भुइंया के भगवान

गुरुवार, 14 जुलाई 2016 पागा कलगी-13/38/पवन नेताम 'श्रीबासु' विसय - माटी के मितान --------------------------------------------------------- छत्तीसगढ़िया रे किसान, हमर माटी के मितान।। खेती करव रे किसान, हमर भुईंया के भगवान।। धरव नांगर ...

तुलसी बिहाव

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आज के पर्व तुलसी बिहाव बिधि के बरनन मोर गीत अंगना म चऊक पुराके, गन्ना के मड़वा छवाके। तुलसी महरानी ल..आसन देवव बईठाव....                                         आसन देवव बईठाव। (1)अंगना के तुलसी ल, सुघ्घर सिंगारव,         लुगरा  कपड़ा पहिराके,दुल्हिन बनाव, -टिकली अऊ फुंदरी ले..माला अऊ मुंदरी ले, दाई ल देवव सजाव..दाई ल देवव सजाव। (2)देव हमर सालिक राम, ऊहूल धर लावव,          मौरे मुकुट पहिराके, दूल्हा बना..वव। - सुघ्घर धोती पहिराके..दूल्हा बरोबर सजाके, मड़वा म लावव बईठाव..मड़वा म लावव बईठाव। (3)तुलसी अऊ सालिक ल, मड़वा  म बईठावव,         बिही चना भाजी अन-धन, दाई म चढ़ावव। -लुगरा अऊ कपड़ा ल..आनी-बानी जोरन सबला, दाई बर जोरन जोरव..दाई बर जोरन जोरव। (4)गौरी गनेश मढ़ावव, पूजा के थाली लावव,          पूजा बिधान ले,दोनो के बिहाव करावव। -कुवारी धागा ल घुमाके..जोड़ी संग गाठ बंधाके, मड़...

दीये तेरी अजब कहानी

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दीये तेरी भी अजब कहानी है। जीवन तेरी तेल की मेहरबानी है। तेल के रहते ही करते हो रोशन, तेल के साथ खतम जिन्दगानी है। तेरी रोशनी से होते जग रौशन, दीवाली भी तुझसे ही मनानी है। औरन के घर  कर उजियाले, अंधियारे मे जीवन बितानी है।         पवन नेताम "श्रीबासु"   सिल्हाटी,स/लोहारा, कबीरधाम

मेरा जन्म दिवस..

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आज मेरा और मेरे भांजे के जन्मदिवस पर आप सबका शुभ आशीष मिले..... हमारी मुस्कान से हर कली खिल जाये! कोयला भी हमे हीरा बनके मिल जाये! गर हमारी हाथ बढ़े तो सिर्फ परहित हो, ऐसा आप सबका आशीष मिल जाये!                   -*पवन & विरेंद्र*- 09/11/2018 pawanbirthday

मुक्तक (चित्र)

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इंसा मे अब धैर्य कहा, चंद दुख भी रूला जाते है। आये कही कटिले राह तो, पैर लड़खड़ा जाते है। सुख और दुख तो प्रकृति का नेह-नियम है पवन, अपनो से टूटकर देखो, पत्ते भी मुस्कुरा जाते है।            पवन नेताम "श्रीबासु" सिल्हाटी, स/लोहारा, कबीरधाम

सरद ऋतु

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सुघर चहकत हे चिरई -चिरगुन। सरद ऋतु आगे मन होगे बिधुन। बरसा देथे जब आँखी मूंद। गिरथे अमरित ओस के बूंद। हिलोर जाथे हिरदे मिलथे सुकून.. अनपू रना ह हरियर होगे। चंदा ह घलो फरियर होगे। तब गावय किसान ददरिया के धुन.. पुरइन के सुघर फूल-पाना। सरद ऋतु के हरय अगुवाना। मंडरावय भौंरा संग मधुर गुनगुन.. जइसे महत्ता हे साग म नून। धरम करम जिनगी म पून। मनखे अस त मोर बात ल गुन.. सरद ऋतु आगे मन होगे बिधुन।    पवन नेताम "श्रीबासु"  सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम(छ.ग.)

कुकुर ह बिलई ल भागे

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अहा दे कइसन जमाना ह आगे। देखव तो कुकुर ह बिलई ल भागे। जइसे अधिकारी ह घूस ल सूंघे। वईसने कुकुर ह बिलई ल तुके। इंखरो बीच भैया बैर भाव ह हरगे। पर  मनखे  अपन  घमंड म मरगे। फेर बघवा,बईला संग म पीहि पानी। मितवा बन संग घुमही पशु अऊ परानी। पशु तन घलो प्रेम भाव ल समझगे। पर मनखे बैरी-दुश्मनी म उलझगे। इही बात के तो आज रोना हे जी। एक दिन ए तन ल तो खोना हे जी। 'पवन' छोड़ घमंड, कुछु तो करम कमाले। मनखे नही त पशु कस तो जिनगी बिताले। ★★★★★★★★★★★★★★★        पवन नेताम 'श्रीबासु'       सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम

जय हो गजानन

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******************************* गजबदन तोला कहिथे , देखत म मन हारे जी। पहली पुजा तोर होवय, सब देवन के दुलारे जी। कांधे म जनेऊ साजे, गर पहिरे मोतियन माला। बल-बुध्दि के खान स्वामी,महिमा बड़ निराला। पांव म चंदन खड़ऊ, बदन म पिताम्बर डारे जी.. देवता जब पार नई पाये, तब-तब तोला पुकारे। बड़े-बड़े मायावी दानव ल, छिन मे तै हा मारे। अर्धभगवान क्रोच ल,सवारी मूसवा बना डारे जी.. गजानंद गणपति गनराजा,सुमर-सुमर गुन गाये। सोनहा गड़े हिंदोलना,रिध्दि-सिध्दि चवर डोलाये। सात चक्कर दाई ददा के,तीनो लोक घुम डारे जी. गजबदन तोला कहिथे , देखत म मन हारे जी। पहली पुजा तोर होवय, सब देवन के दुलारे जी।                    पवन नेताम 'श्रीबासु'           सिल्हाटी स./लोहारा, कबीरधाम

नारी

नारी हर रूप म जनम लेवय, नारी के महिमा भारी हे। कभू दशानन ल वो मारय,कभू महिषासुर संघारी हे। प्रेम भगति अमर कर दिस, सुन ओखर चारी तै......, कान्हैया के दरशन जेन पाईस, वो मीरा भी नारी हे। ...

ए पिंजरा ल सुवना उड़ाके चले जाही

एक दिन पारी आही, जाये पारी आही, ए पिंजरा ले सुवना उड़ा के चले जाही-2 दस म छोड़े बालकपन, तीस म छोड़े जवानी, घुमे-फिरे  नाचे-गाये,  सिरा गे तोरे कहानी। घटाही वो हा घटाही, जिये के दिन ल घट...

पुरखा के मोर थाती ल,

तोर चरन के पंइया लागव....-2 चंदन लव ए माटी ल, छ.ग. के पावन भुँँइया,पुरखा के मोर थाती ल-2 दाइ शबरी के आश्रम जिहा,शिवरीनारायण के माटी ऐ । कौशिल्या के जनम भुइँया, कोसलपुर नाम ख्याति हे। -बाल्मिकी के आश्रम तुरतुरिया...-2 रामायण रचैया ओ बड़ भागी ल, अंगारमोती बमलाई समलाई रतनपुरहिन महामाई हे। सुख समरिध्दि बरदान देवैया, चमतकारिन दाई ऐ। -छ.ग. के कहिथे शिमला..-2 वो मैनपाट के घाटी ल, महानदी शिवनाथ अरपा पैरी,इहा के मान बढ़ाथे। साहितकार बेटा दुलारवा मन,एखरेच गुन ल गाथे। कला संसकिरति के खदान इहा...-2 अइसन ए परपाटी ल... वीर नारायण सही क्रांतिकारी, याद करव तुम ओ दिन। गोड़वाना के शेर कहैया बेटा ल,जयस्तंभ म फांसी लगादिन। -शत शत ओला परनाम पहुचै..-2 गोली खवइया गुंडाधुर के छाती ल..                    पवन नेताम 'श्रीबासु'       सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम(छ.ग)                  संपर्क -90987...

हे राम

                  हे राम... हे राम दाता राम ..हे राम विधाता राम। हे राजाराम दयालु सुन लो न तु मेरी पुकार, मै अभागा इस दुनिया मे चरण मे ले के तार। हे राम.. न मै ज्ञानी पंडित हूँ प्रभु  , न मुझमे चतुराई। न मै पूजा पाठ को जानू, मुझमे सारी बुराई। करू वर्णन जग तेरो महिमा-2 दे विद्या भण्डार.. सुना हूँ तेरी चरण कि प्रभु जी, महिमा है आपार। शरणागत  को लेते   शरण मे,  करते  बेड़ा  पार। वही चरनन की दास बनालो-2 कर दो भव से तार..                    पवन नेताम 'श्रीबासु'     सिल्हाटी, स.लोहारा, कबीरधाम(छ.ग.)                      {12/08/2018}

मनाने कौन आएगा

गज़ल ******************************* मोहब्बत की कहानी, सुनाने कौन आएगा! दिले नादां पे एतबार, जताने कौन आएगा! क्या नही जानते आज हम खफा हैं खुद से गर तुम्ही रूठ जाओगे मनाने कौन आएगा! तुम नही मगर एक दिन मौत आ...

मुक्तक

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मोहब्बत की कहानी, सुनाने कौन आएगा! दिले नादां पे एतबार, जताने कौन आएगा! वाद़ा रहा कभी तुमसे , खिलाफ़ी नही होगी, तुम्ही गर रूठ जाओगे,मनाने कौन आएगा!           पवन नेताम 'श्रीबासु'     सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम       भ्रमण भाष-9098766347 अणु डाक-pawannetam7@gmail.com अंतरताना - pwannetam.blogspot.com

तुम अगर साथ दो तो सम्हल जाऊँगा

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   तुम अगर साथ दो तो,सम्हल जाऊँगा।    मुश्किलों के भँवर से निकल जाऊँगा।    -जिंदगी के सफर में है,फिसलन बहुत    थाम लो हाथ वरना फिसल जाऊँगा। 1)मैं समंदर हूँ गर,तुम हो लहरे मेरीssss     मैं गजल हूँ अगर,तुम हो बहरें मेरी-2 -  मैं बदन हूँ वो जिसका,तुम्ही रूह हो    साथ छोड़ोगे गर,तो मैं मर जाऊँगा!! 2)धोखे खाकर सदा ही,मैं रोता रहाsss     पीकर आँसू सदा ,प्रेम बोंता रहा-2 -  पीर सहकर मेरा दिल है पत्थर हुआ-2     प्यार पाकर तुम्हारा, पिघल जाऊँगा! 3)मुद्दतो से थी रूठी,ये मुस्कान हैsss     जाने गुम थी ,कहां मेरी पहचान है-2 -  हाथ थामा है गर,तो ये वादा रहा-2    मैं वो मौसम नही जो बदल जाऊँगा।           पवन नेताम 'श्रीबासु' सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम

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कोहिनूर के दाम हो जाएगा

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🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸 मेंहनत करते रहो एक दिन नाम हो जाएगा। मनचाहा तुझको हासिल मुकाम हो जाएगा। रंजिश भरी इस जमाने मे घुल न जाना तुम, आग सी फैलती बाते है बदनाम हो जाएगा। तिमिर चिर रौशन कर जमी को रवि बनकर, बदल दे आलम खुशनुमा अंजाम हो जाएगा। तमन्ना ए ता उम्र आसमां मे उड़ने का रक्ख, ए हौसले दुनियाको सबब पैगाम हो जाएगा। खुवाईश तेरी नीलामी की मोल रखते है जो, उनकी हर जमीर खुद  नीलाम हो जाएगा। रख यकीं अपने हौसले पे वफा ही करेंगे'पवन', तू सोना -चाँदी कोहिनूर के दाम हो जाएगा।                   पवन नेताम 'श्रीबासु'            सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम

चंदा के चकोर लागत हस

                      गीत             *************** जइसे सावन म नाचत वइसे मोर लागत हस।    सुघराई तोरे चंदा के चकोर लागत हस। निक मुस्काई बहि तोर, मीठ मीठ बोली। कोयली घलो सुने लागय,हांसी त...

पाकिस्तान

वाह रे पाकिस्तान तुझे मै अपना दूध पिलाया था। समरसता के राहो पर मै तुझे चलना सिखाया था।। माँ तो माँ होती है अब तू बेटा बनकर भूल गया। गद्दारी  मक्कारी  के  फांसी  पर  तू  झूल ग...

तलवार ए धार बनाता हूँ

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काया दे पलटे भारत की ऐसे सूत्रधार धार बनाता हूँ। भोले- भाले इन  मासूमो  को  होशियार बनाता हूँ। हिन्द देश का वासी हूँ कर्तव्य न अपना भूल पाता हूँ। मांज कलम शमशीर उनकी, तलवार ए धार बनाता हूँ। मिटा निरक्षर के नामो को साक्षर सब बन जायेगा। चीन जपान रूस आष्ट्रेलिया से आगे बढ़ जायेगा। हुनर  क्या होती है  सबको भारत अब दिखलायेगा। ए.पी.जे.अब्दुल बन हर बच्चा मिसाईल बनायेगा।                                  पवन नेताम 'श्रीबासु'                             सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम

हमला काबर बनाये गरीब बेकार के

देने वाला जब भी देथे कहिथे छपर फाड़ के। फेर हमला काबर बनाये गरीब बेकार के । कोन जनम के बदला ले गरीब पैदा करेस तै। अच्छा बनावत-2 मूर्ति ल बिगाड़ डरेस तै। न चऊर न दार न खेत न खार के.... छ...

मुक्तक

लगा प्रेम रोग दवाखाना  मुझको देदे। किया जो प्यार हरजाना मुझको देदे। एक दो जाम से मेरी भला क्या होगा, मय नही पूरी मयखाना मुझको देदे। ठोकरों से संभलना हमें आ गया। अवसरो मे बद...

महिला कमाण्डो

महिला शक्ति अब सामने आई। गांव मे न दंगा न होगी लड़ाई।                               गांव की हर समस्या होगी साफ। महिला कमाण्डो का है अब साथ। महिला कमाण्डो ने ठाना है। गांव को ...

मुक्तक

ये कारिगरी ये मचलती अदाये ये शर्मो हयां है। ये जुल्फे ये काजल ये सजावटें करती बयां हैं। ये जवां दिल पैमाने ईश्क की मय चख ले जरा, अभी मेरा दिल भी जवां है तेरा दिल भी जवां है। पा...

लोकतंत्र बेमानी है..

लोकतंत्र बेमानी है। बस सत्ता हथियानी है। पैसा पीछे भागते नेता, कुर्सी के दीवानी है। कितने जज्बाते मारे है दिल से वो हैवानी है। भरी आँख में मक्कारी दिल मे बेईमानी है। जाने ...

चाँद दिखा के छोड़ गई

किसी ने नजर मिलाई , मिला के छोड़ गई। किसी ने चाँद दिखाई, दिखा के छोड़ गई। मै उसको उनकी पता पुछने ही वाला था। कि उसने हाथ मिलाई, मिला के छोड़ गई। बनकर आने लगी सपनो की मलिका वो। पर तमा...

पहली होली के दुख

...........पहली होली के दुख........... करेव बिहाव कुवारा दुख जान के, सुवारी लायेव दाई-ददा के बात मान के। त का होगे, अरे का जादू डार दिए सुरता भुलावत नइ हे.. मइके चलदिस सुवारी ह आवत नइ हे। नाचत लाये...

मुट्ठी मे नमक

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     हरदम आँसू बहाना अच्छा नही होता! हर किसी पर विश्वास जताना अच्छा नही होता!   लोग यहाँ मुट्ठियों मे नमक लेकर घूमते हैं, सबको अपने जख्म दिखाना अच्छा नही होता!                पवन नेताम 'श्रीबासु'       सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम              संपर्क-9098766347            @ सर्वाधिकार सुरक्षित!

हिरण के चक्कर

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हिरण हिरण हिरण, ऐ हिरण के चक्कर काहे यार। सबो डहर चलत हे ओखरे बयार। सोना के बनके राम ल लंका घुमादिस। काला हिरण बनके सलमान ल जेल भेजवा दिस। सलमान ल इतना तो समझना चाहिए- जब जब कोई महिला के हाथ होथे। तब तब सफलता/असफलता साथ होथे। नीलम तब्बू सोनाली सलमान ल उकसाईस। बेचारी हिरण के छाती म गोली चलाईस। एक बात सत हे, होना तो उही गत हे। अहमदाबाद ले होईस जब नारी के अपमान। पहुचिस जोधपुर, खतम होगे सम्मान। फेर करिस नारी के अपमान । पाईस उही जोधपुर म अस्थान। कृपया अन्यथा न लेवे।                        पवन नेताम 'श्रीबासु'                सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम

वाह रे पाकिस्तान..

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वाह रे पाकिस्तान जिसने तुझे अपना दूध पिलाया था। नन्हे हाथ पकड़कर जिसने चलना तुझे सिखाया था।। ऐसी ममतामयी माँ के उपकारों को तू भूल गया। गद्दारी और मक्कारी के फंदे पे तू है झूल गया।। जिसने पैदा किया है तुझको उस पर ही गुर्राता है। कैसा नाकारा है तू जो बाप को आँख दिखाता है।।  जनम से सीधे है पर अब टेढ़ा होकर दिखलायेंगे। भगतसिंह की भाषा में अब तुमको हम सिखलाएँगे।। याद करो सन् संतावन के उठे क्रांति उन ज्वालों को। दुश्मन का मुँह तोड़ने वाले उन भारत के लालों को।।  जीभ पकड़कर तेरी हलक से बाहर हम खींच सकते है। शांतिवादी है किंतु स्वाभिमान पर मुठ्ठी भी भींच सकते है।। अगर रहे औकात में तो हम जीभरकर तुझे दुलारेंगे। लेकिन फिर भी न सुधरे तो तेरे सीनेे मे तिरंगा गाड़ेंंगे।।                   पवन नेताम 'श्रीबासु'           सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम भ्रमण भाष-9098766347,8770679568 अणु डाक-pawannetam7@gmail.com अंतरताना-pawannetam.blogspot.com

काली घटा ...

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काली  घटा देखी तेरे बालो में सोने सा बदन चमक रहा था । जो चाँद देखा मैंने आसमां  पे तेरी ही सूरत सा लग रहा था ।। हिरणी से चंचल है जलवे तेरे आँखो से नशा छलक रहा था। पैरो की पड़ती ऐसी फुदकियां घुंघरू पायल के छनक रहा था।                    पवन नेताम "श्रीबासु"                    सिल्हाटी, स/लोहारा                  संपर्क -9098766347

उसी दिया मे उजाला होगा.

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आज मुस्कुरा रहा है,वो कभी दर्द पाला होगा। चिकनी सुन्दर इन पैरो मे, कभी छाला होगा। पवन तू चलते रहा भगवद् गीता की राह पर, क्योकि जलेगा उसी दिया मे तो उजाला होगा।                  पवन नेताम "श्रीबासु"                    सिल्हाटी, स./लोहारा

तेरी ही सुरत सा लग रहा था..

काली  घटा देखी तेरे बालो में सोने सा बदन चमक रहा था । जो चाँद देखा मैंने आसमां  पे तेरी ही सूरत सा लग रहा था ।। हिरणी से चंचल है जलवे तेरे आँखो से नशा छलक रहा था। पैरो की पड़ती ऐस...

फाग गीत

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........फाग गीत....... चलहा जग मे एक दिवाना घुम रहा। अरे एक दिवाना घुम रहा रे जग मे.... --बचके रहना अरे दिलदार-2जग मे... चलहा जग मे कोन दिवाना कोन सखा। --काखर मया ह दुनिया म छाये-2जग मे... चलहा जग मे कान्हा दिवाना गोप सखा। --राधा के मया ह दुनिया म छाये-2जग मे... चलहा जग मे काहे करण अवतारे तुम। --काहे बर बालक रूप बनाये-2 जग मे.... चलहा जग मे धरम हित अवतारे तुम। --ममता पान बर बालक रूप बनाये-2 जग मे... . ***************************          पवन नेताम "श्रीबासु"   सिल्हाटी, स/लोहारा, कबीरधाम

खुदकुशी दे दो

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हमारे  झुग्गी झोपड़ी मे  रोशनी दे दो। बिलखते दुख से चेहरे को हँसी दे दो। किया भूख ने मजबूर खुदकुुशी के लिए। मिटा न सको भूख तो खुदकुशी दे दो।             पवन नेताम "श्रीबासु"       सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम            मोबा. 9098766347

चुनौती

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सरकार के सामने गरीबी को साधने की मेरी चुनौती.. टूटी टपरी पर तुम दीप जलाओ। अँधियारे  को तुम दूर भगाओ। मानवता का यही है तकाजा, इंसान हो  तुम सबूत दिखाओ।                                    पवन नेताम "श्रीबासु"                  सिल्हाटी, स./लोहारा                   कबीरधाम (छ.ग.)

दीदार (मुक्तक)

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कोई  प्यार के लिये तरसे। कोई ईजहार के लिये तरसे। सनम हमसे ऐसे जुदा कि, हम दीदार के लिये तरसे।                 पवन नेताम "श्रीबासु"

मुक्तक

हमारे दिल के अंधेरो मे रोशनी दे दो। करले तु मोहाब्बत जिन्दगी दे दो। किया भूख ने मजबूर खुदखुशी के लिए। मिटा न सको भूख तो खुदखुशी दे दो। करू जो जिक्र मोहाब्बत तो बावला होकर। म...