दीये तेरी अजब कहानी



दीये तेरी भी अजब कहानी है।
जीवन तेरी तेल की मेहरबानी है।

तेल के रहते ही करते हो रोशन,
तेल के साथ खतम जिन्दगानी है।

तेरी रोशनी से होते जग रौशन,
दीवाली भी तुझसे ही मनानी है।

औरन के घर  कर उजियाले,
अंधियारे मे जीवन बितानी है।

        पवन नेताम "श्रीबासु"
  सिल्हाटी,स/लोहारा, कबीरधाम

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