तुलसी बिहाव
आज के पर्व तुलसी बिहाव बिधि के बरनन मोर गीत
अंगना म चऊक पुराके, गन्ना के मड़वा छवाके।
तुलसी महरानी ल..आसन देवव बईठाव....
आसन देवव बईठाव।
(1)अंगना के तुलसी ल, सुघ्घर सिंगारव,
लुगरा कपड़ा पहिराके,दुल्हिन बनाव,
-टिकली अऊ फुंदरी ले..माला अऊ मुंदरी ले,
दाई ल देवव सजाव..दाई ल देवव सजाव।
(2)देव हमर सालिक राम, ऊहूल धर लावव,
मौरे मुकुट पहिराके, दूल्हा बना..वव।
- सुघ्घर धोती पहिराके..दूल्हा बरोबर सजाके,
मड़वा म लावव बईठाव..मड़वा म लावव बईठाव।
(3)तुलसी अऊ सालिक ल, मड़वा म बईठावव,
बिही चना भाजी अन-धन, दाई म चढ़ावव।
-लुगरा अऊ कपड़ा ल..आनी-बानी जोरन सबला,
दाई बर जोरन जोरव..दाई बर जोरन जोरव।
(4)गौरी गनेश मढ़ावव, पूजा के थाली लावव,
पूजा बिधान ले,दोनो के बिहाव करावव।
-कुवारी धागा ल घुमाके..जोड़ी संग गाठ बंधाके,
मड़वा सात भांवर घुमव..मड़वा म सात भांवर घुमव।
-दोनो के बिहाव कराके, शुभ आशीर्वाद लेके,
छिटका घलो सब तापव..दोस कलेस दूर करव।
पवन नेताम "श्रीबासु"
सिल्हाटी,स/लोहारा, कबीरधाम(छ.ग.)
नीचे लिंक म ऐखर विडियों
https://youtu.be/yMOLm__4qk8

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें