दीदार (मुक्तक)


कोई  प्यार के लिये तरसे।
कोई ईजहार के लिये तरसे।
सनम हमसे ऐसे जुदा कि,
हम दीदार के लिये तरसे।
                पवन नेताम "श्रीबासु"

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