हे राम
हे राम...
हे राम दाता राम ..हे राम विधाता राम।
हे राजाराम दयालु सुन लो न तु मेरी पुकार,
मै अभागा इस दुनिया मे चरण मे ले के तार।
हे राम..
न मै ज्ञानी पंडित हूँ प्रभु , न मुझमे चतुराई।
न मै पूजा पाठ को जानू, मुझमे सारी बुराई।
करू वर्णन जग तेरो महिमा-2 दे विद्या भण्डार..
सुना हूँ तेरी चरण कि प्रभु जी, महिमा है आपार।
शरणागत को लेते शरण मे, करते बेड़ा पार।
वही चरनन की दास बनालो-2 कर दो भव से तार..
पवन नेताम 'श्रीबासु'
सिल्हाटी, स.लोहारा, कबीरधाम(छ.ग.)
{12/08/2018}
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