चाँद दिखा के छोड़ गई
किसी ने नजर मिलाई , मिला के छोड़ गई।
किसी ने चाँद दिखाई, दिखा के छोड़ गई।
मै उसको उनकी पता पुछने ही वाला था।
कि उसने हाथ मिलाई, मिला के छोड़ गई।
बनकर आने लगी सपनो की मलिका वो।
पर तमाम रात जगाई, जगा के छोड़ गई।
ऐतबार कर खयालों मे उनके खोने लगा।
तमाशा मेरा बनाई, बना के छोड़ गई।
वो जादूगरनी थी या कोई जन्नत की परी,
जादू मुझ पर चलाई, चला के छोड़ गई।
दीवाना हो गया उनकी अदाओ मे 'पवन'
पागल मुझको बनाई, बना के छोड़ गई।
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पवन नेताम"श्रीबासु"
सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम
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