उसी दिया मे उजाला होगा.

आज मुस्कुरा रहा है,वो कभी दर्द पाला होगा।
चिकनी सुन्दर इन पैरो मे, कभी छाला होगा।
पवन तू चलते रहा भगवद् गीता की राह पर,
क्योकि जलेगा उसी दिया मे तो उजाला होगा।
                 पवन नेताम "श्रीबासु"
                   सिल्हाटी, स./लोहारा

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