बेटी बचाओ
-–------गीत----------
बेटी खुशियों की होती छांव..भैया बेटी बचाओ
बेटी बचाओ भैया बेटी बचाओ-2 बेटी अंगना....
बेटी के बिना जग अंधियारा, सूना होगा ये जग सारा।
गर बेटे को तुम चाहते हो, बेटी को तो क्यों मारते हो।
बिना बेटी के बेटा कहा पाओ,
देखोगे सूनी कलाई, बिन बहना के राखी न भाई।
बेटा कलप कलप रोएगा, रक्षाबंधन मे न सोएगा।
तीजा-पोला को कैसे मनाओ,
बन गये कही कन्यादानी, नाम तुम्हारे सद्ग्रन्थ बखानी।
नवरात मे किसको जिमाओगे, नवकन्या ढूंढ न पाओगे।
चाहिए लक्ष्मी तो बेटी घर लाओ...
पवन नेताम 'श्रीबासु'
सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम(छग)
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