तुलसी बिहाव के बरनन

आज के पर्व म तुलसी बिहाव बिधि के बरनन

अंगना म चऊक पुराके, गन्ना के मड़वा छवाके।
तुलसी महरानी ल..आसन देवव बईठाव....
                                        आसन देवव बईठाव।

अंगना के तुलसी ल, सुघ्घर सिंगारव,
लुगरा  कपड़ा पहिराके,दुल्हिन बनाव,
-टिकली अऊ फुंदरी ले..माला अऊ मुंदरी ले,
दाई ल देवव सजाव..दाई ल देवव सजाव।

देव हमर सालिक राम, ऊहूल धर लावव,
मौरे मुकुट पहिराके, दूल्हा बना..वव।
- सुघ्घर धोती पहिराके..दूल्हा बरोबर सजाके,
मड़वा म लावव बईठाव..मड़वा म लावव बईठाव।

तुलसी अऊ सालिक ल, मड़वा  म बईठावव,
बिही चना भाजी अन-धन, दाई म चढ़ावव।
-लुगरा अऊ कपड़ा ल..आनी-बानी जोरन सबला,
दाई बर जोरन जोरव..दाई बर जोरन जोरव।

गौरी गनेश मढ़ावव, धूप दिया पूजा थाली लावव,
पूजा बिधि-बिधान ले,दोनो के बिहाव करावव।
-कुवारी धागा ल घुमाके..जोड़ी संग गाठ बंधाके,
मड़वा म सात भांवर घुमव..मड़वा म सात भांवर घुमव।
दोनो के बिहाव कराके, शुभ आशीर्वाद लेके, छिटका घलो सब तापव..दोस कलेस दूर करव।

             पवन नेताम "श्रीबासु"
सिल्हाटी,स/लोहारा, कबीरधाम(छ.ग.)

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

तुलसी विवाह

किसान और टमाटर