हिरण के चक्कर

हिरण हिरण हिरण,
ऐ हिरण के चक्कर काहे यार।
सबो डहर चलत हे ओखरे बयार।

सोना के बनके राम ल लंका घुमादिस।
काला हिरण बनके सलमान ल जेल भेजवा दिस।

सलमान ल इतना तो समझना चाहिए-
जब जब कोई महिला के हाथ होथे।
तब तब सफलता/असफलता साथ होथे।
नीलम तब्बू सोनाली सलमान ल उकसाईस।
बेचारी हिरण के छाती म गोली चलाईस।

एक बात सत हे,
होना तो उही गत हे।
अहमदाबाद ले होईस जब नारी के अपमान।
पहुचिस जोधपुर, खतम होगे सम्मान।
फेर करिस नारी के अपमान ।
पाईस उही जोधपुर म अस्थान।

कृपया अन्यथा न लेवे।

                       पवन नेताम 'श्रीबासु'
               सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम

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