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अऊ आबे जग जननी हो मैया

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अऊ आबे जग जननी हो मैया अऊ आबे जग जननी। अहो दया मया तै राखे रहिबे दया मयाsss हो ओ..माँ..अंबे माँ हो माँ दुर्गे माँ अहो दया मया तै राखे रहिबे तै ह ओ दया करणी हो मैया तै हा ओ दया करणी                            अऊ आबे.... अहो माटी माटी म तोला सिरजाके प्रान प्रतिष्ठा कराएन। हम भगत सब मिलके दाई तोर बर कुंदरा बनाएन। हम दुखियारा तोर चरन म, तार लेबे भव तरिणी हो मैया अहो सुत उठ के बड़े बिहनिया सेवा तोर बजायेव। अहो फूलपान गंगा दूबी लाके आरती तोर सजायेव। नर नारी मन संझा बिहनिया-2 आरती जय जय करनी हो मैया सेऊक मन तोर गुन ल दाई सुमर सुमर नित गावय। अलिन गलिन ले देवी बरूवा मन झूमर झूमर के आवय। तोला रिझाये बर मोर महतारी,गूंगूड़ धूप संग बंदनी मैया... अऊ आबे जग जननी हो मैया...                   पवन नेताम 'श्रीबासु'           सिल्हाटी,कबीरधाम (छ.ग.)

शनि देव के महिमा भारी हे जी

दुख-सुख के संगवारी ए जी,                 शनिदेव के महिमा भारी हे जी।। शनिदेव के महिमा भारी हे जी-2          कष्ट हरन अवतारी ए जी शनिदेव के महिमा... (1)दुख आये त एखर शरण म आवव,                        ब्रह्म मुहूर्त शनिदेव ल मनावव। सरसो के तेल शनिदेव ल नहवावव,                       गुड़ अऊ तिल के लड्डू चढ़ावव। दुखिया के पालनहारी जी-2 (2) बांझन मन इही डेहरी म आथे,                      दुखियारिन शनिदेव ल गोहराथे। बिधि बिधान पूजा कर मनाथे,                   शनिदेवता के फेर आशीष ल पाथे। लईका के सुन किलकारी ए जी-2 (3) शनिदेवता ल अशुभ झन मानव,                     मुक्ति देवइया देवता एला जानव। सतकर्मी ह सुख फल पाथे,              ...

जब मेरा विवाह हो गया

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इश्क हुई तुमको पर एक खता हो गया। तुुुमने देेेखा मुझे यूं फिदा हो गया। मैने माना तुम्हें आशिकी हो गई, पर तब कहा तूने जब मेरा विवाह हो गया। कितनी सिद्दत से तू जो मुझे चाहती। जब मिलू तो कितनी तू दीदारती। मैने देखा है आज आसूं ढोते हुए, क्या करे पवन तुझसे जुदा हो गया।                         पवन नेताम 'श्रीबासु'

रात को तकिया भींगा भींगा कर

तुम्हारी यादो मे तड़प रहे हम रात को तकिया भींगा भींगा कर। देखे थे जो हमनें साथ सपने उन सपनों को सजा सजा कर। नयी थी चाहत नयी थी उल्फत हम दो प्रेमी  नये नये थे, जब वो मुझसे बाते करती अपनी नज़रे झुका झुका कर। प्यार मे अंधे हमी थे पागल गूंगा जुबां हम जो थे रखते, बेवफाई कर पिघला डाला एक सोने को तपा तपा कर। दिल मे है यादें बदन पे जख़्म और कोई निशानी नही है तेरी, वो फेकें अंगूठी हम ढूंढ डाले पानी से रेत हटा हटा कर। बेवफा नाम तेरा कातिल चेहरा लेके चले जमाने डगर पे, हर शहर से पता पूछते तुम्हारी तस्वीर दिखा दिखा कर। जिंदगी टुट के बिखर रही हैं हादसा कहिए या फिर तमाशा, मीन को मारे बिन पानी के हमी को अश़्क मे डूबा डूबा कर।                पवन नेताम 'श्रीबासु'            सिल्हाटी,कबीरधाम (छ.ग.)

शीशे का था दिल मेरा चूरा चूर कर दिया

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करके मुझसे बेवफाई मशहू..र कर दिया। शीशे का था दिल मेरा चूरा चू..र कर दिया। करता बेपनाह मोहब्बत, दी..वाना था। डूबा प्यार के नशे मे मस..ताना था।। जमाने की दस्ततूर से मुझे दू..र कर दिया मयखाने की दर पे, अब बस्ती है मेरी। आंसू बन टपक रहा लहू, सस्ती है मेरी। अंगूर की बेटी ने मुझे खजू..र कर दिया महोबत करके तुमसे, गुनेहगार हम जो है। ओढ़े मौत का कफन, तलबगार हम जो है। करके बेपनाह प्यार क्या कसू..र कर दिया                पवन नेताम 'श्रीबासु'           सिल्हाटी कबीरधाम (छ.ग.)                     04/07/2020 जीश्म जां

अब की होरी पधारो श्याम

अब की होरी पधारो श्याम,    मोरे बरसाने मे ठाड़ो श्याम।।   भेजूं चिठिया मै वृंदावन धाम-2    अब की होरी पधारो श्याम।                     (1) बाल सखा मिल सब आस लगाये। कुंवर कन्हैया को इस होरी मे बुलाये।   विनती हमारी सुन लो सुखधाम-2      अब की होरी पधारो श्याम।                  (2) मूरख जिवरा अब तुम्हारी है प्यासी। तिल तिल उमरिया के होई विनाशी।  रंगा दो कन्हैया जी रंग घनश्याम-2      अब की होरी पधारो श्याम।                     (3)    आवन परय जब संकट धेनु पर।      जनम धरे तुम यादव कुल पर।        गौ माता सम तारो श्याम-2       अब की होरी पधारो श्याम।            पवन नेताम 'श्रीबासु'        सिल्हाटी,कबीरधाम (छ.ग. सूर साहित्य समिति कबीरधाम(छ.ग.) आप सभी को होली की अशेष बधाई एवं  ...

मुक्तक मंच

एक दिवाना हूँ दिल को निकाल रख दूंगा। मिले जो दिल तो दिल को सम्हाल रख लूंगा। रगो मे बह रही है खून सिर्फ तेरे प्यार की, यकीं नहीं  तो  वो  भी निकाल रख दूंगा। चुराता हूँ नजर जब जब तू मेरे पास होती है! मगर दिनरात इन नजरों को तेरी प्यास होती है! मैं शर्मीला हूँ कह पाता नही लेकिन मेरी जानम, खुदा से बस तेरे ही नाम की अरदास होती है!! मेंरे चिट्ठी को पढ़कर वो वहां जब मुस्कुराती है ! हवा तब-तब मेरे कानों में आकर गुनगुनाती है! मुझे यादों से उसकी एक पल फुर्सत नही मिलती, मैं सो जाता हूँ पर ख्वाबो में वो मुझको सताती है!! रामसेतु सी प्रेम की निशानी नही देखी ! राधाकृष्ण सी प्रेम की कहानी नही देखी ! खुद के लिए नही देश के काम आई जो, भगत सिंह सी आजतक जवानी नही देखी!! प्रेम  पावन है मैं तुमको एक दिन ये बताऊंगा। हृदय मंदिर में एक दीपक प्रेम का मैं जलाऊंगा। प्रेम पाना नही है त्याग है मीरा- राधा से सीखो तुम, मैं उनकी दास्ता आकर तुम्हें इकदिन सुनाऊंगा। सहेलियों के पीछे छुप-छुप, के वो दीदार करती थी। मेरे काँलेज की थी लड़की,जो मुझसे प्यार करती थी। किसी भी मोड़ पर उनसे, कही ...

मुक्तक

हर परिंदे को बसर कहां मिलता है! हर हुस्न को नजर कहां मिलता है! कितने तजुर्बे बटोरने पड़ते है यहां, आसानी से कोई हुनर कहाँ मिलता है! रात गुजर जाता है किसी की यादों में! दिन सँवर जाता है किसी की यादों में! पहली मोहब्बत के क्या किस्से सुनाऊं, मन निंखर जाता है किसी की यादो मे! ये शर्म-ए-हयां अपनी छुपा के रखिए। फिसल जाये न यौवन बचा के रखिए। लेके आऊंगा डोली तेरे घर एक दिन, अपने हाथों मे मेंहदी सजा के रखिए। तेरी यादो मे आज भी पलके भिंगाएँ बैंठे है। जाने कब दीदार होगा नजरें बिछाए बैंठे है। तेरे प्यार का हर - पल एहसान है मुझ पर, आज भी तेरे दीदार की आस लगाए बैंठे हैं। जख़्मे दिल पर मरहम लगाने नही आई। मेरे कब्र पे दो फूल भी सजाने नही आई। तजुर्बा कहाँ था मुझे कश्ती किनारा लगाने का, जो थी मेरी वही थी पर बचाने नही आई।

माँ बाप

कोई उन्हें श्राप समझते है, कोई उन्हें पाप समझते है। निरे कुछ मुर्ख है जो छांव को ताप समझते है। नौजवां लोग मेरी सुन लो, कल माँ-बाप दौलत थे, पर फरेबी लोग दौलत को, आज माँ-बाप समझते है।        

भाईचारा कह-कह,देश को जो खा रहे

राम और कृष्ण वाला,पावन ये देश जहाँ, आतंक का कुछ लोग,जहर फैला रहे ! दुनिया को शांति वाला,मिलता संदेश जहां उस पावनी धरा को,पाप से लजा रहे! जिस मां ने पाला पोसा,इनको दुलार दिया आँचल में उसके ही,आग है लगा रहे! वध करो सारे कालनेमियों का ढूँढ़-ढूँढ़  भाईचारा कह-कह,देश को जो खा रहे!!              पवन नेताम श्रीबासु

लाँकडाऊन म दरूहा मन के दशा

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कतका कन पिये हे मंदहा भुइयां म परे हे। करलई हे दाऊ  कुकुर मन चाटे बर धरे हे। खाये बर पइसा नही काहय हाथ होगे सुन्ना। खुलगे  भट्ठी ह त  दरूहा मन  ल होगे गुन्ना। काला बेचिस कहाले लाइस बाई ह रोवत हे। मस्त मतंगा नशा होगे जिहा तिहा सोवत हे। कोरोना के  नइहे डर  डट्टा म लाइन लगे हे। बिहनिया  के  गेहे भट्ठी  परान ऊहे  तजे हे। वाह रे चतुर सरकार  तोर महिमा हे अपार। मंदिर के पट बंद हे इहा भट्ठी म लगे दरबार।              पवन नेताम 'श्रीबासु'          सिल्हाटी, कबीरधाम(छ.ग.) चेपटी ल पियत हे चेपटत हे गाल ह , उपर ले हाँसत हे बैरी करिया काल ह, देख जिंदगी ल कैसे उड़ावत हे, दु पैसा के दारू म का मजा पावत हे, अब तो सुधर जव घर होवत बदहाल ग, ऊपर ले काल हाँसय देख तुहर हाल ग ,  सुरेंद्र निषाद विश्रामपुर सिमगा

मोहनी श्रृंगार है

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होंठो में लगी है लाली,कानो मे है झूमें बाली। कजरारे काले काले,नयन कटार है। बिंदिया है माथ और,सर पे चुनर ओढ़े। नागिन सी चाल लिये,गले मोती  हार है। सोला की उमर हाय,जियरा को धड़काय। मन मोह लेती जब,करती श्रृंगार है। सब उसे चाहते है,पर जिसे चाहती वो उस प्रियतम का वो,करे इंतजार है। पवन नेताम 'श्रीबासु' सिल्हाटी,कबीरधाम (छ.ग.)

तेरा श्रृंगार

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खुले जब होंठ सुनाती कोयल की कुहकियां। कोई राग सा लगता है जब खनकती चुड़ियाँ । कातिलाना अंदाज नैनन तीर कटार की धार, श्रृंगार साज उड़ती है रंग रंगीनी सी तितलियां।                 पवन नेताम 'श्रीबासु'

जाग उठो अब जागो हिन्दू

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*जाग उठो अब जागो हिन्दू, धरा पड़ी संकट मे।* समस्या की भीड़ खड़ी है, देखो तुम्हारे निकट मे।। जिनको हमने शरण दे रखा,वही हमारे विरोधी है। घर का भेदी लंका ढाये, ऐसे बन गये भेदी है।। दिखला दो हिन्दू की ताकत,शंकर के हम वंशज है। दुश्मन के लिए क्रोधी, नही तो सरल सहज है।। रामनाम की लेख लेकर, तुमने बांधे योजन समुंद को। बाढ़ लाने की ये बाते करते,पी जाओ ऐसे बूंद-बूंद को।। *जनम से सीधे है हम सब, अब टेढ़ा हो दिखला दो* *मार भगाओ नमकहरामो को,या सीने मे तिरंगा गड़ा दो।।*            पवन नेताम 'श्रीबासु' सूर साहित्य समिति कबीरधाम (छ.ग.)

फाग- अब की होरी पधारो श्याम

अब की होरी पधारो श्याम,    मोरे बरसाने मे ठाड़ो श्याम।।   भेजूं चिठिया मै वृंदावन धाम-2    अब की होरी पधारो श्याम।                     (1) बाल सखा मिल सब आस लगाये। कुंवर कन्हैया को इस होरी मे बुलाये।   विनती हमारी सुन लो सुखधाम-2      अब की होरी पधारो श्याम।                  (2) मूरख जिवरा अब तुम्हारी है प्यासी। तिल तिल उमरिया के होई विनाशी।  रंगा दो कन्हैया जी रंग घनश्याम-2      अब की होरी पधारो श्याम।                     (3)    आवन परय जब संकट धेनु पर।      जनम धरे तुम यादव कुल पर।        गौ माता सम तारो श्याम-2       अब की होरी पधारो श्याम।            पवन नेताम 'श्रीबासु'        सिल्हाटी,कबीरधाम (छ.ग. सूर साहित्य समिति कबीरधाम(छ.ग.) आप सभी को होली की अशेष शुभकामनाएं... 0...

मंदहा मन के लाँकडाऊन म हाल

का करव कइसे करव घर भीतरी ही घुमत हे। न नींद आवत हे न चैन, सुतत हे न बइठत हे। न दारू न गुटका गजब जीव चुटपुटावत हे। का करय चाय पी पी के मन बपरा ल समझावत हे। कोनो कहत हे गैस बनत हे कोनो कहत हे बीपी बढ़त हे। 21 दिन कब पुरही ऊखर तो उल्टा गिनती चलत हे। जइसे खुलही भट्ठी संघरा चार पऊवा नपाहूँ। मरव  चाहे  बचव  एकेट्ठा .सबो  ल चढ़ाहूँ। जा वो बाई तोर रोज रोज के सराप ह लग गे। साले कोरोना कते मेर ले चीन ले भारत म बुलग गे। समारू बुधारू ह कोरोना दवई खाये कस जनावत हे। रहि नइ सकन काहय पीये बगर अब कइसे रहावत हे।                    पवन नेताम 'श्रीबासु'            सिल्हाटी कबीरधाम (छ.ग.) प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना वायरस के चलते 21 दिन के लिए लाँकडाऊन किया गया है तब शराबियों की दशा पर व्यंग 29/03/2020

भजन- भोले जी के सजत हे बरात

भोले जी सजत हे बरात , सजावय भूत पिशाच, 'के देवता सब हासय रे..'-2 के देवता सब हासय रे,-2  कैलाश म..-2 भीड़ लगे हे अपार,भूत परेत दिखय झार,  के देवता सब.. काने म पहिरावय बिच्छू के बाला,नर मुंडन के पहिरै माला। चुपरे हावय अंगे भभुतिया, कनिहा पहिरै मृगन के छाला। जनेऊ बने हे..-2 गौहा डोमी साँप, दुजे के चंदा चमके माथ के देवता सब हासय रे.. बिना मुड़ी के भुतवा राजा, गदकावत हे गुदुम बाजा। चटिया मटिया टिमकी दफड़ा, कहा पाबे भैया उहा झगड़ा। सौरा भौरा ह..-2 सातो राग मिलाये, परेतवा देवय ताल बजाये, के दुम दुमी बाजा बाजय रे.. रक्सीन टुरी गाना गावय, झिथरी परेतिन नाच दिखावय। किसम किसम के नाच गाना, बुढ़वा नंदी के गोड़ थिरकाना। घुघवा देवता..-2 पइसा ल उड़ाये, उछल मंगल सब मनाये के देवता सब हासय रे-2                             पवन नेताम 'श्रीबासु'           सिल्हाटी, स/लोहारा, कबीरधाम                 दिनांक- 21/01/2018

फाग गीत- नदी बहे एक धारा संतो

*फाग गीत* 👺😈🌹🌹🌹🌹😈👺 *नदी बहे एक धारा संतो,*                             *नदी बहे एक धारा।* ~ *अरे हो नदी बहे एक धारा* -२ *नदी बहे एक धारा संतो*,                *नदी बहे एक धारा।* ******************** (1)जइसे सुरज चढ़ै रण ऊपर।  ~   चढ़ै रण ऊपर -2 -बांधे सकल हथियारा संतो नदी        बहे एक धारा।। ------------------- (२)जइसे सती चढ़ै सत ऊपर। ~ चढ़ै सत ऊपर -2 -पति बचन नही टारा संतो नदी     बहे एक धारा।। ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ (३)पुरइन पत्ता चढ़ै जल ऊपर। ~ चढ़ै जल ऊपर -2 - जल मे करत पसारा संतो नदी       बहे एक धारा।। ******************** *नदी बहे एक धारा संतो,*                             *नदी बहे एक धारा।* ~ *अरे हो नदी बहे एक धारा* -२ *नदी बहे एक धारा संतो...* 🌹🌹🌹🌹💐🌹🌹🌹    ✍🏻 *पवन नेताम 'श्रीबासु'*   ...

फाग गीत- बेदर्दी सनम तै नइ आये

*फाग गीत* 👺😈💕💘🌹🚶 *अब तो आगे हे फागुन तिहार*...            *बेदर्दी सनम तै नई आये।* ~तै नई आये सनम तै नई आये 2 ^अब तो आगे हे-2फागुन तिहार. ******************* (१)अमवा के मया म,                       कोयली ह आगे। ~कोयली ह आगे सनम                       कोयली ह आगे। ^कूहू-कुहुक गीत सुनाये -2             बेदर्दी सनम तै नई आये। ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ (२)सुरूज के अगोरा देख ,                        चंदा संझा आगे। ~चंदा संझा आगे ओ                         चंदा संझा आगे। -गोधूली के बेरा मिलन हो जाये-2              बेदर्दी सनम तै नई आये। 😂😂😂😂😂😂🚶 (३)तोरे मया म ओ,                     तन ह मोर सुखागे। ~त...

फाग गीत- गोरी रे तोर उमर ह सतरा हे

*फाग गीत*          😈👺🤖🔴🤗 *चलहा गोरी रे तोर उमर ह सतरा हे..* अरे अरे तोर उमर ह सतरा हे रे  गोरी ओ तोर उमर ह सतरा हे - तै दिखे रे बम के गोला -2 रे गोरी रे तोर उमर ह सतरा हे। -------💃🏻💃🏻------- (1)चलहा गोरी रे तोर नैनन          कजरारी हे। अरे तोर नैनन कजरारी हे गोरी रे तोर नैनन...👁 -लाली होठ अऊ मंद मुस्कान अरे -2   गोरी ओ तोर उमर ह सतरा हे.. 👄👄👄👄👄👄👄👄 (2) चलहा गोरी रे तोर कमरिया           लचकन हे। अरे अरे तोर कमरिया लचकन हे गोरी रे तोर .... -चलत हावस तै हिरनी के चाल-2    गोरी ओ तोर उमर ह सतरा हे..       💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻 (3) चलहा गोरिया सोनहा काया           कुवर अंग। अरे अरे सोनहा काया कुवर अंग रे गोरिया सोनहा.....। - तोला देखत जिवरा ललचाये अरे तोला देखत लार टपक जाये, गोरी ओ तोर उमर ह सतरा हे.. *होली हे....* 💐💐💐💐🌹🌹💘💘 रचना- *पवन नेताम 'श्रीबासु*      *सिल्हाटी,स/लोहारा* दिनांक-22/02/2017

कोरोना 2 जन जन ल होगे रोना

*जनहित म जारी एक प्रेरक गीत* जन जन ल होगे रोना,आये हे जी कोरोना। आये हे जी कोरोना,आये हे जी कोरोना, सम्हल के तुम रहो ना,आये हे जी.. सुन गुनिजन सब,अब बात मोर मानव। बीमारी नोहय,महामारी ऐला जानव। आगी बिजली कस डरो ना,आये हे... अभी तो हम सबला, घर म ही हे रहना। चारी चुगली गोठ बात फोन म ही कहना। कखरो सन झन मिलो न,आये हे.. दिन म घेरी बेरी,साबुन से हाथ धोना। बाहिर निकलहू त,मास्क घलो होना। जान बूझ के झन मरो ना,आये हे... किराना राशन चाही, तभे घर से निकलना। 21 दिन घर म राहव,हमर प्रधान के हे कहना। काहय सहयोग सब करो ना,आये हे.. डाँक्टर पुलिस मन,तुहर सेवा म लगे हे। बिज्ञानिक मन,इलाज खोजे म भीड़े हे थोरिक दुखपीरा ल सहो ना,आये हे.. जन जन ल होगे रोना,आये हे जी कोरोना।               पवन नेताम 'श्रीबासु'          सिल्हाटी, कबीरधाम(छ.ग.)              संपर्क- 8770679568

जस गीत

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मैया राहू जगत बंधू सेवा म आवय हो माँ। ईन्द्र ले उतरय बछेरवा हो जेखर अंगुर दुई कान जेखर दुई दुई कान महलो ले उतरय सुन्दर रनिया हो घोड़वा के आरती उतार माथे तिलक लगा  मैया राहू जगत पांडव सेवा म आवय हो माँ। कौन लगावय घना लिमवा हो घना लिमवा के छांव घना लिमवा के छांव,कौन कोड़ावय सुंदर सगरी हो कौन करय असनान कौन करय जल पान मैया राहू जगत पांडव सेवा म आवय हो माँ। बेटिया बुलादे बननीन के हो मैया सुन लौ मोर बात मैया मानव मोर बात,नरियर मंगाये झुरमुर के ह मै तो जावव हिंगलाज मै तो जावव दरबार.. नरियर चढ़ाबो देवी दुर्गा ल मैया होई है सहाये मै तो मांगव वरदान राहू जगत पांडव सेवा म आवय हो माँ। बेटिया बुलादे कड़रिन के हो मैया सुन लौ मोर बात  मैया मानव मोर बात, खमिहा मंगाये झुरमुर के ह मै तो जावव हिंगलाज मै तो जावव दरबार.. खमिहा चढ़ाबो देवी दुर्गा ल  मैया होई है सहाये मै तो मांगव वरदान राहू जगत पांडव सेवा म आवय हो माँ।            पुरखा के थाती         पवन नेताम 'श्रीबासु'    सिल्हाटी,स/लोहारा,कबीरधाम

कोरोना 1 हो जायेगा तेरा जान कुर्बान (पैरोडी)

बाहर न निकलना कोरोना पुलिस से डंडा मरवा देगा। जिंदगी का सवाल है राशन कार्ड से नाम कटवा देगा। प्रयाग के लिये बस ट्रेन गाड़ी सारी सुविधा बंद है जनाब, महिनो तेरी अस्थियों को कलश मे ही रखवा देगा। फैला वायरस कोरोना, जिससे बचके रहना। जानलेवा है ये छोड़ मांस खान-पान.. हो जायेगा तेरा जान कुर्बान कुर्बान। लोगो को मारने का फन.. जो तुझमे है कही नही। दुनिया को जितने का दम.. जो तुझमे है कही नही। मै तेरी -2 तोड़ लाया हूँ सुनले जरा साबुन से हाथ धोना, चिकन मटन न खाना। जानलेवा है ये छोड़ मांस खान-पान.. हो जायेगा तेरा जान कुर्बान कुर्बान लगा के मास्क अब घुम.. सुरक्षा है सुरक्षा है। भीड़ मे न जाना तुम.. खतरा है खतरा है। कोरोना-2 छोड़ देगी फिर ये जहान लोगो सुरक्षा अपनाना कोरोना दूर भगाना जानलेवा है ये छोड़ दो मांसाहार खान-पान.. हो जायेगा तेरा जान कुर्बान कुर्बान..          पवन नेताम 'श्रीबासु'             कबीरधाम,(छ.ग. चीन के वुहान से आया एक वायरस कोरोना जो चीन के साथ-साथ अमे...

कागज का एक टुकड़ा,तलाक नही

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#कागज_का_एक_टुकड़ा✍️ राधिका और नवीन को आज तलाक के कागज मिल गए थे। दोनो साथ ही कोर्ट से बाहर निकले। दोनो के परिजन साथ थे और उनके चेहरे पर विजय और सुकून के निशान साफ झलक रहे थे। चार साल की लंबी लड़ाई के बाद आज फैसला हो गया था। दस साल हो गए थे शादी को मग़र साथ मे छः साल ही रह पाए थे। चार साल तो तलाक की कार्यवाही में लग गए। राधिका के हाथ मे दहेज के समान की लिस्ट थी जो अभी नवीन के घर से लेना था और नवीन के हाथ मे गहनों की लिस्ट थी जो राधिका से लेने थे। साथ मे कोर्ट का यह आदेश भी था कि नवीन  दस लाख रुपये की राशि एकमुश्त राधिका को चुकाएगा। राधिका और नवीन दोनो एक ही टेम्पो में बैठकर नवीन के घर पहुंचे।  दहेज में दिए समान की निशानदेही राधिका को करनी थी। इसलिए चार वर्ष बाद ससुराल जा रही थी। आखरी बार बस उसके बाद कभी नही आना था उधर। सभी परिजन अपने अपने घर जा चुके थे। बस तीन प्राणी बचे थे।नवीन, राधिका और राधिका की माता जी। नवीन घर मे अकेला ही रहता था।  मां-बाप और भाई आज भी गांव में ही रहते हैं। राधिका और नवीन का इकलौता बेटा जो अभी सात वर्ष का है कोर्ट के फैसले के अनुसार ...

होली गीत

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अब की होरी पधारो श्याम,    मोरे बरसाने मे ठाड़ो श्याम।।   भेजूं चिठिया मै वृंदावन धाम-2    अब की होरी पधारो श्याम।                     (1) बाल सखा मिल सब आस लगाये। कुंवर कन्हैया को इस होरी मे बुलाये।   विनती हमारी सुन लो सुखधाम-2      अब की होरी पधारो श्याम।                  (2) मूरख जिवरा अब तुम्हारी है प्यासी। तिल तिल उमरिया के होई विनाशी।  रंगा दो कन्हैया जी रंग घनश्याम-2      अब की होरी पधारो श्याम।                     (3)    आवन परय जब संकट धेनु पर।      जनम धरे तुम यादव कुल पर।        गौ माता सम तारो श्याम-2       अब की होरी पधारो श्याम।            पवन नेताम 'श्रीबासु'        सिल्हाटी,कबीरधाम (छ.ग.) सूर साहित्य स...

सियासी भेड़िया

सदन में मौन ही रहते वतन के जो सवालों पर। बहस छीड़ी मुद्दे की तो खो जातें खयालों पर। अदातन लचार ये सियासी भेड़िया है पवन, नजर है गिद्ध के जैसी सदा उनकी घोटालों पर।                 पवन नेताम "श्रीबासु"         सूर साहित्य समिति कबीरधाम               मोबा.-9098766347