कोरोना 2 जन जन ल होगे रोना

*जनहित म जारी एक प्रेरक गीत*

जन जन ल होगे रोना,आये हे जी कोरोना।
आये हे जी कोरोना,आये हे जी कोरोना,
सम्हल के तुम रहो ना,आये हे जी..

सुन गुनिजन सब,अब बात मोर मानव।
बीमारी नोहय,महामारी ऐला जानव।
आगी बिजली कस डरो ना,आये हे...

अभी तो हम सबला, घर म ही हे रहना।
चारी चुगली गोठ बात फोन म ही कहना।
कखरो सन झन मिलो न,आये हे..

दिन म घेरी बेरी,साबुन से हाथ धोना।
बाहिर निकलहू त,मास्क घलो होना।
जान बूझ के झन मरो ना,आये हे...

किराना राशन चाही, तभे घर से निकलना।
21 दिन घर म राहव,हमर प्रधान के हे कहना।
काहय सहयोग सब करो ना,आये हे..

डाँक्टर पुलिस मन,तुहर सेवा म लगे हे।
बिज्ञानिक मन,इलाज खोजे म भीड़े हे
थोरिक दुखपीरा ल सहो ना,आये हे..

जन जन ल होगे रोना,आये हे जी कोरोना।

              पवन नेताम 'श्रीबासु'
         सिल्हाटी, कबीरधाम(छ.ग.)
             संपर्क- 8770679568

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