फाग गीत- नदी बहे एक धारा संतो
*फाग गीत*
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*नदी बहे एक धारा संतो,*
*नदी बहे एक धारा।*
~ *अरे हो नदी बहे एक धारा* -२
*नदी बहे एक धारा संतो*,
*नदी बहे एक धारा।*
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(1)जइसे सुरज चढ़ै रण ऊपर।
~ चढ़ै रण ऊपर -2
-बांधे सकल हथियारा संतो नदी
बहे एक धारा।।
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(२)जइसे सती चढ़ै सत ऊपर।
~ चढ़ै सत ऊपर -2
-पति बचन नही टारा संतो नदी
बहे एक धारा।।
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(३)पुरइन पत्ता चढ़ै जल ऊपर।
~ चढ़ै जल ऊपर -2
- जल मे करत पसारा संतो नदी
बहे एक धारा।।
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*नदी बहे एक धारा संतो,*
*नदी बहे एक धारा।*
~ *अरे हो नदी बहे एक धारा* -२
*नदी बहे एक धारा संतो...*
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✍🏻 *पवन नेताम 'श्रीबासु'*
सिल्हाटी, स/लोहारा
कबीरधाम (छ.ग.)
दिनांक-28/02/2017
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