शनि देव के महिमा भारी हे जी
दुख-सुख के संगवारी ए जी,
शनिदेव के महिमा भारी हे जी।।
शनिदेव के महिमा भारी हे जी-2
कष्ट हरन अवतारी ए जी शनिदेव के महिमा...
(1)दुख आये त एखर शरण म आवव,
ब्रह्म मुहूर्त शनिदेव ल मनावव।
सरसो के तेल शनिदेव ल नहवावव,
गुड़ अऊ तिल के लड्डू चढ़ावव।
दुखिया के पालनहारी जी-2
(2) बांझन मन इही डेहरी म आथे,
दुखियारिन शनिदेव ल गोहराथे।
बिधि बिधान पूजा कर मनाथे,
शनिदेवता के फेर आशीष ल पाथे।
लईका के सुन किलकारी ए जी-2
(3) शनिदेवता ल अशुभ झन मानव,
मुक्ति देवइया देवता एला जानव।
सतकर्मी ह सुख फल पाथे,
कुकर्मी ल शनि दण्ड दे जाथे।
न्यायालय के दण्डाधिकारी ए जी-2
शनिदेव के महिमा भारी हे जी...
पवन नेताम 'श्रीबासु'
15.09.2020
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