जब मेरा विवाह हो गया

इश्क हुई तुमको पर एक खता हो गया।
तुुुमने देेेखा मुझे यूं फिदा हो गया।
मैने माना तुम्हें आशिकी हो गई,
पर तब कहा तूने जब मेरा विवाह हो गया।

कितनी सिद्दत से तू जो मुझे चाहती।
जब मिलू तो कितनी तू दीदारती।
मैने देखा है आज आसूं ढोते हुए,
क्या करे पवन तुझसे जुदा हो गया।

                        पवन नेताम 'श्रीबासु'

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