मंदहा मन के लाँकडाऊन म हाल

का करव कइसे करव घर भीतरी ही घुमत हे।
न नींद आवत हे न चैन, सुतत हे न बइठत हे।

न दारू न गुटका गजब जीव चुटपुटावत हे।
का करय चाय पी पी के मन बपरा ल समझावत हे।

कोनो कहत हे गैस बनत हे कोनो कहत हे बीपी बढ़त हे।
21 दिन कब पुरही ऊखर तो उल्टा गिनती चलत हे।

जइसे खुलही भट्ठी संघरा चार पऊवा नपाहूँ।
मरव  चाहे  बचव  एकेट्ठा .सबो  ल चढ़ाहूँ।

जा वो बाई तोर रोज रोज के सराप ह लग गे।
साले कोरोना कते मेर ले चीन ले भारत म बुलग गे।

समारू बुधारू ह कोरोना दवई खाये कस जनावत हे।
रहि नइ सकन काहय पीये बगर अब कइसे रहावत हे।

                   पवन नेताम 'श्रीबासु'
           सिल्हाटी कबीरधाम (छ.ग.)
प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना वायरस के चलते 21 दिन के लिए लाँकडाऊन किया गया है तब शराबियों की दशा पर व्यंग
29/03/2020

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