फाग- अब की होरी पधारो श्याम
अब की होरी पधारो श्याम,
मोरे बरसाने मे ठाड़ो श्याम।।
भेजूं चिठिया मै वृंदावन धाम-2
अब की होरी पधारो श्याम।
(1)
बाल सखा मिल सब आस लगाये।
कुंवर कन्हैया को इस होरी मे बुलाये।
विनती हमारी सुन लो सुखधाम-2
अब की होरी पधारो श्याम।
(2)
मूरख जिवरा अब तुम्हारी है प्यासी।
तिल तिल उमरिया के होई विनाशी।
रंगा दो कन्हैया जी रंग घनश्याम-2
अब की होरी पधारो श्याम।
(3)
आवन परय जब संकट धेनु पर।
जनम धरे तुम यादव कुल पर।
गौ माता सम तारो श्याम-2
अब की होरी पधारो श्याम।
पवन नेताम 'श्रीबासु'
सिल्हाटी,कबीरधाम (छ.ग.
सूर साहित्य समिति कबीरधाम(छ.ग.)
आप सभी को होली की अशेष शुभकामनाएं...
07/03/2020
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