हुए बयालिस शहीद जवान,उनको नमन मैं करता हूँ। उठा कलम शमशीर,उन वीरों के जख़म को भरता हूँ। दिन-रात डटे सीमा पर हमारे,ऐसे रक्षक को मार गया। मिटा देंगे दरिंदों की बस्ती,अब पानी सर से पार गया। बहुत हुई भाईचारे और प्रेम वार्ता,अब न भेंट चढ़ायेंगे। ईंट का जवाब अब ईंट से नही, पत्थर से दें आयेंगे। इंसानों की इस दुनिया मे, अब कोई हैवान नही होगा। डाले बुरी नजर भारत पर, अब वो शैतान नही होगा। जागो महाकाल के वीर सपूतों, रौद्र रूप दिखाना हैं। दुनिया के इस मानचित्र से,अब पाकिस्तान मिटाना हैं। पवन नेताम 'श्रीबासु' सिल्हाटी, कबीरधाम, (छ.ग.) दिनांक- 23/02/2019 संपर्क- 8770679568