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एक दिवाना हूँ

एक दिवाना हूँ दिल को निकाल रख दूंगा। मिले जो दिल तो दिल को सम्हाल रख लूंगा। रगो मे बह रही है खून सिर्फ तेरे प्यार की, यकीं नहीं  तो  वो  भी निकाल रख दूंगा। विरह, मिलन की गीत साथ ...

हास्य मुक्तक

जिन्दगी मे कोई मोड़ न हो तो जिन्दगानी किस काम की। जिस कहानी मे जोड़ नही वह कहानी किस काम की। मोहाबत की गलियों मे जां निसार कर ले। मिले ढंग कोई लड़की तो इजहार कर ले। हो जायेंगी शा...

सरस्वती वंदना

माँ शारदे शारदे शारदे शारदे ये कुनबे पूतो की सँवार दे..                            माँ शारदे... श्वेत हंसा सजी है चढ़ के आजा। सातो सुर छेड़ वीणा सुना दे.. मेरी न इया मझधार तारदे.. तू ...

भारत सा देश मेरा, कहीं और नही नही

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भारत सा देश मेरा, कहीं औऱ नही नही। ये धरती से स्वर्ग मेरा,  कहीं और नही नही।। ऋषियों ने तप किये है, हजारों हजार साल। भागीरथी ने लाया है गंगा को यूं उतार।2। मेरे राम-श्रवन सा बेटा  कहीं और नही नही।। ये धरती से------ सतियों की ये धरा है  महिमा है अपार। गंगा है मात मेरी जो करती है उद्धार।2। यहाँ राधा मीरा सा प्रेम कहीं और नही नही। ये धरती से........ गीता का ज्ञान बांटने, वाले को है नमन। विष को पीने वाले, मेरे भोले को है नमन। यहां सबरी की जैसे भक्ति कहीं और नही नही  ये धरती से........ भारत सा देश मेरा कहीं और नही नही धरती से स्वर्ग मेरा  कहीं और नही नही। लक्षमण ,भरत सा भाई  कहीँ औऱ नही नहीं  । भारत सा देश मेरा कहीँ औऱ नही नही। रचनाकार -डॉ तुलेश्वरी धुरंधर अर्जु नी,जांगड़ा,बलौदाबाजार। एक परिचय  डॉ तुलेश्वरी धुरंधर पति- श्री कृष्ण कुमार धुरंधरउम्र    उम्र- 43 वर्ष शिक्षा-  एम ए राजनीति एम ए लोकप्रशासन  ,एम फिल,पी एच  डी  ...

झेंझरी के ठेठरी

बच्छर म एक दिन आथे ये तीजा चुररुस ले बाजे करेला के बीजा पहिरे बर मिलथे वो रंग रंग के लुगरा लुगरा बर कर डारेन कूद कूद के झगरा रात भर मसके हन करू करू भात दिनभर उपास करेन नारी के ज...

मृत्यु भोज

आज मेरे मित्र के घर मृतक भोज मे जाकर जो दुख हुआ और समाज की रीत पर जो विचार आया वह विचारणीय पंक्तियाँ प्रेषित है अपना विचार जरूर देवें.... किसी के माथ की बिंदिया लूटी, लूटी सिंदूर...

छत्तीसगढ़िया रे किसान

गुरुवार, 14 जुलाई 2016 पागा कलगी-13/38/पवन नेताम 'श्रीबासु' विसय - माटी के मितान --------------------------------------------------------- छत्तीसगढ़िया रे किसान, हमर माटी के मितान।। खेती करव रे किसान, हमर भुईंया के भगवान।। धरव नांगर ...

प्रिया प्रकाश

समसामयिक प्रिया प्रकाश पर हास्य रचना... कुछ नही भैया आँखी के जादू चलाये हे। जेति देखव तेति प्रिया प्रकाश छाये हे। प्रिया मारत आँखी त कमईया काम ल घलो भुलत हे। शिल्पा मारिस आँ...

सुन्दराई ल का काहव मै ओ

तोर गुरतुर गोठियाना,मन ल ओ मोर भाना। सुन्दराई ल का काहव मै ओ... -2 नैन कजल तोर कारी, होंठ के तोर लाली। सुरूज जोत ले चमकय,काने के तोर बाली। नैना के तीर चलाना, अँखियाके तोर बुलाना सु...

इश्क़-ए-वफा मे

इश्क ऐ वफा मे दुनिया सिमट जायेगी। मोहब्बत मे कायनात पलट जायेगी। बेवफाई का जाल तुम क्या बुनते हो,      ऐ मोहब्बत मूषक बन जायेगी।। काट तेरे जाल नाम ले वफा बन। कर युध्द जीत लेग...

सजा मिलत हावय आंखी देखाये के

"सजा मिलत हावय आंखी देखाये के" ******************************* सजा मिलत हावय आंखी देखाये के। मजा मिलत हावय गुस्सा देखाये के। जब भौजी ह चलदिस अपन मायके.... जब बाई ह चलदिस अपन मायके। होगे बिहानिया अब लफड़...

मिन्नतों के बाद

................ *गज़ल*.................. मिन्नतों के बाद भी जो कभी मिला नही न जाने क्यों आज वो पास आने लगे! जिन्हें अपना बनाने के बुने थे कई सपने उन सपनों को वो हकीकत बनाने लगे। मरुथल सा था दिल मेरा आबाद  हो ...

बेताब तमन्नाओं की कसक

बेताब तमन्नाओं की कसक रहने दो। आँख आसुओं का दरिया है बहने दो। अभी मत छेड़ जिक्र मोहाब्बत का पवन, उनका भी दर्द-सितम थोड़ा बढ़ने दो। ये नैन मट्टका नैनाचार कब तक चलेगी। इन रशीली हो...

दाऊ मंदराजी

आज नाचा गम्मत के पुरखा स्व. श्री दाऊ,मंदराजी के जनम दिन म नाचा के तर्ज म समर्पित ओला गीत.. छ.ग. के नांदगांव मे...-2जनम धरिन मनखे खाटी ऐ, इही पुरखा इही थाती ऐ -4 (1) नांदगांव के गांव रवेली, ओ...

पाकिस्तान मिटाना हैं

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हुए बयालिस शहीद जवान,उनको नमन मैं करता हूँ। उठा कलम शमशीर,उन वीरों के जख़म को भरता हूँ। दिन-रात डटे सीमा पर हमारे,ऐसे रक्षक को मार गया। मिटा देंगे दरिंदों  की बस्ती,अब पानी सर से पार गया। बहुत हुई भाईचारे और प्रेम वार्ता,अब न भेंट चढ़ायेंगे। ईंट का  जवाब  अब ईंट  से नही,  पत्थर से  दें आयेंगे। इंसानों की इस दुनिया मे, अब कोई हैवान नही होगा। डाले बुरी नजर भारत पर,  अब वो शैतान नही होगा। जागो महाकाल के  वीर सपूतों, रौद्र रूप दिखाना हैं। दुनिया के इस मानचित्र से,अब पाकिस्तान मिटाना हैं।                             पवन नेताम 'श्रीबासु'                    सिल्हाटी, कबीरधाम, (छ.ग.)   दिनांक- 23/02/2019 संपर्क- 8770679568

ठुमरी गीत

गोरे गोरे गालो पे दिल गया हार रे न ई माने रे सनम। न ई माने रे सनम -2 कि कान झुमका मे दिल गया हार रे न ई माने रे सनम (1) नैन काजलियाँ  सुंदर कारी,          नागिन बरन लंबी बेनी डारी। कि ना...

खूं के आँसू मुझको रूलाया न कर

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खूं के आँसू मुझे रूलाया न कर। इस तरह मुझे याद आया न कर। सामने मेरे डोली तेरी उठने लगी, इस तरह अर्थी मेरी उठाया न कर! जमाने से दाश्ता हमारी मिट जायेगी, इस तरह खत को जलाया न कर! राह मे तेरी  फूल हम बिछाते रहे, तू कांटे बिछाकर बुलाया न कर! दर्दे गम की तू मुझको दरिया दे गई, इस तरह तड़पा मुसकुराया न कर! बेखुदी की हद खुद पार कर गई, बेवफा कहके मुझे बुलाया न कर।              पवन नेताम 'श्रीबासु'          सिल्हाटी, कबीरधाम (छग)

वक़्त बेवक़्त छत से इशारा न कर

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वक़्त बेवक़्त छत से इशारा न कर । हो  चुके हैं  पराये  पुकारा  न कर । सुरज तेरे दीदार मे नही निकलेगा, ये बेवफा चेहरा अब सवारा न कर। जिन्दगी हो गई किसी और के नाम, मेरे इंतज़ार मे समय ...

बदरिया रे

बदरिया रे..बदरिया रे... जरा खोजे के लादव रे मोर सँवरिया -2 बदरिया रे ..... चंदा ल पुछेव,चकोर ले पुछेव, प्रेम विभोर नाचत मंजोरे ल पूछेव। -कोनो मोर देखेव जहुरियाँ रे..बदररिया रे.. अमवा म क...

प्रेम के मीठे गीत फिर गाना होगा।

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मुक्तक लोक साहित्य संस्था सजल क्रमांक -2 अध्यक्ष- सुधा दीदी जी मै बुलाऊंगा तुझको तो आना होगा। प्रेम के मीठे गीत फिर गाना होगा। बेवफाई के कितने जखम है भरे, अपने दिल के दर्द सु...

जरा अब मान जाओ

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-------गीत----------- करना हमको तुमसे प्यार... तुम्हीं हो मेरी दिलबर यार,                             जरा अब मान जाओ-2 @@@@@@@@@@@@ कहा जाओगी सुन मेरी ज़ान, ये दुनिया हो गई है बेईमान। लगी तुम्हें उमर है अठ...