सरस्वती वंदना
माँ शारदे शारदे शारदे शारदे
ये कुनबे पूतो की सँवार दे..
माँ शारदे...
श्वेत हंसा सजी है चढ़ के आजा।
सातो सुर छेड़ वीणा सुना दे..
मेरी न इया मझधार तारदे..
तू कंठ की देवी आ कंठ मे समा जा।
मेरे बिगड़े सुर सवार दे...
पवन नेताम 'श्रीबासु'
०६/१०/२०१९
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