एक दिवाना हूँ

एक दिवाना हूँ दिल को निकाल रख दूंगा।
मिले जो दिल तो दिल को सम्हाल रख लूंगा।
रगो मे बह रही है खून सिर्फ तेरे प्यार की,
यकीं नहीं  तो  वो  भी निकाल रख दूंगा।

विरह, मिलन की गीत साथ लेके आया हूँ,
बजा दो ताली तो उनको निकाल रख दूंगा।
एक दिवाना हूँ दिल को निकाल रख दूंगा।

ये मेरी जिन्दगी तेरे ही नाम कर दूंगा।
सूना है दामन खुशियों से मैं भर दूंगा।
बिना तेरे सफर जिन्दगी की अधूरी है,
कह दो हाँ तो सिंदूर से मांग भर दूंगा।

रंग भरे दुनिया मे तेरी जिन्दगी बेरंगी है।
उम्र है जवां और तेरी दिल भी उमंगी हैं।
रंग लेके आया हूँ हाथो मे ले सातो आज,
कि सिंदूर की लाली और चुनर नारंगी है।

कैसे कह दूं ऐ दिल, प्यार नहीं करते।
प्यार तो करते हैं, इज़हार नहीं करते।
छुप-छुप के चाँद का कर लेता दीदार,
दुनिया से डर सरे बाजार नही करते।
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                        पवन नेताम 'श्रीबासु'

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