सुन्दराई ल का काहव मै ओ

तोर गुरतुर गोठियाना,मन ल ओ मोर भाना।
सुन्दराई ल का काहव मै ओ... -2

नैन कजल तोर कारी, होंठ के तोर लाली।
सुरूज जोत ले चमकय,काने के तोर बाली।
नैना के तीर चलाना, अँखियाके तोर बुलाना
सुन्दराई ल का काहव मै ओ..... -2

नाक म चुक ले नथनी,गला म मोतियन हार।
हरियर रंग के लुगरा,पहिरे हे कंधियन डार।।
तोर मुच ले ओ मुसकाना..आदत हे बचकाना
सुन्दराई ल का काहव मै ओ.....-2

लाली रंग के टिकली,चिटिक अंजोरी कस।
चढ़ती हे जवानी, मऊहा के झरय रस।
कनिहा के तोर लचकाना, गगरी धरके तोर जाना
सुन्दराई ल का काहव मै ओ...... -2

चंदा कस मोहनी चेहरा,चंदैनी चमकय दात।
सरग सुन्दरी खड़े लगय,लगय पूनिमा रात।
तोर चुरी के खनकाना,छुईमुई कस लजाना
सुन्दराई ल का काहव मै ओ......-2

                    पवन नेताम 'श्रीबासु'
             सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम
                संपर्क- 9098766347
     @सर्वाधिकार सुरक्षित......…........

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