जरा अब मान जाओ
-------गीत-----------
करना हमको तुमसे प्यार...
तुम्हीं हो मेरी दिलबर यार,
जरा अब मान जाओ-2
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कहा जाओगी सुन मेरी ज़ान,
ये दुनिया हो गई है बेईमान।
लगी तुम्हें उमर है अठरा बरस की,
बिजुरिया गिरेगी गरज गरज की।
आ अपनी प्यार का कर इजहार....
तुम्हीं हो मेरी दिलबर यार,
जरा अब मान जाओ-2
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जो चलती हिरनी की है चाल,
झुलाके काली नागन बाल।
है ज़ालिम नैन तेरे कजरारे,
करेजवा को चीर कटार है मारे।
कि लग गई इश्क़ की मुझको बुख़ार..
तुम्हीं हो मेरी दिलबर यार,
जरा अब मान जाओ-2
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बसे मेरे होंठो पे तेरा ही नाम,
नजर मे रहती सुबह से शाम।
सपना सकार हो जाने दे.,
लक्ष्मी पग घर को आने दे।
कि साँवरिया न कर रे इनकार.....
तुम्हीं हो मेरी दिलबर यार,
जरा अब मान जाओ-2
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पवन नेताम 'श्रीबासु'
सिल्हाटी, कबीरधाम (छग)
संपर्क- 9098766347
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