नव युग का निर्माण करे
*नव युग का निर्माण करे*
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*असंख्य किरणे धरती पर,*
*फिर नव युग का निर्माण करे।*
*छोड़ पुराने बंधनो को,*
*फिर नव युग का सत्कार करे।।*
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जाति पाति का भेद न हो,
कोई क्लेश कोई द्वेष न हो।
कोई रोक न हो,कोई टोक न हो।
बैर भाव का कोई झोक न हो।।
सत्कर्म जहाँ सदभाव जहाँ,मन मे आनंद का भाव धरे...
असंख्य किरणे धरती पर,फिर नव युग...
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मीत मिले मन मीत मिले,
जीवन को नवरीत मिले।
छोड़ पुराने बंदिशो को,
एक नया गीत मिले।।
अंधेरो की छाती चिरकर,उजालो का अगाज करे..असंख्य किरणे धरती पर,फिर नव युग...
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सकल विश्व की गरिमा लेकर,
प्रगति पथ पर आज बढ़े।
कपट बंधन को छोड़कर,
वसुधैव कुटुम्बकम् को आज गढ़े।।
ऊचाईयाँ छू जाने को,फिर नयी उड़ान भरे..असंख्य किरणे धरती पर,फिर नव युग का निर्माण करे।।
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*पवन नेताम 'श्रीबासु'*
*प्रकाश कुमार सोनी*
सिल्हाटी,स/लोहारा
जिला - कबीरधाम
मो.-9098766347
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