छत्तीसगढ़ के धन्यवाद
छत्तीसगढ़ी म पहिली धन्यवाद के जघा येला बउरय,,अइसे काहन त आभार प्रगट करे बर सियान मन ये काहय---
1. जुग जुग जियो
2.दुधे नहाव,पूतो फलो
3.चार गांव के गौटियाँ बन
4.तोर पांव म काँटा झन गड़े
5. तोर एक के एक्कइस होवय
5. तोर चुरी अमर रहय
6.तोर अन्न धन के भंडार भरे राहय
7.भगवान तोर भला करय
8.ककरो नजर झन लगय
9. तोर जोड़ी जांवर अमर रहय
10. कभु तोला कोनो मेर आँच झन आवय
11.दुधे पियो,दुधे अंचोवव
12.जा तोला सबरदिन ऊँच पीढ़ा मिलय
13. तोर मुँह म दूध भात
14.डलिया के तोपात ले जियव।
आदि अइसन बोल के शुभकामना देवंय,, तेन आज नवा दौर म धन्यवाद म बदल गे,, कतेक सुघ्घर राहय पहिली आभार प्रगट करे के भाव,,,बड़ निक लागय, अइसन आसीस भरे बचन सुन के मन गदगद हो जाय ।
-- *राजकुमार मसखरे*
भदेरा (पैलिमेटा) राजनांदगांव
बढ़िया भैया जी।
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