तुलसी बिहाव
आज के पर्व तुलसी बिहाव बिधि के बरनन मोर गीत अंगना म चऊक पुराके, गन्ना के मड़वा छवाके। तुलसी महरानी ल..आसन देवव बईठाव.... आसन देवव बईठाव। (1)अंगना के तुलसी ल, सुघ्घर सिंगारव, लुगरा कपड़ा पहिराके,दुल्हिन बनाव, -टिकली अऊ फुंदरी ले..माला अऊ मुंदरी ले, दाई ल देवव सजाव..दाई ल देवव सजाव। (2)देव हमर सालिक राम, ऊहूल धर लावव, मौरे मुकुट पहिराके, दूल्हा बना..वव। - सुघ्घर धोती पहिराके..दूल्हा बरोबर सजाके, मड़वा म लावव बईठाव..मड़वा म लावव बईठाव। (3)तुलसी अऊ सालिक ल, मड़वा म बईठावव, बिही चना भाजी अन-धन, दाई म चढ़ावव। -लुगरा अऊ कपड़ा ल..आनी-बानी जोरन सबला, दाई बर जोरन जोरव..दाई बर जोरन जोरव। (4)गौरी गनेश मढ़ावव, पूजा के थाली लावव, पूजा बिधान ले,दोनो के बिहाव करावव। -कुवारी धागा ल घुमाके..जोड़ी संग गाठ बंधाके, मड़...