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नवंबर, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

तुलसी बिहाव

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आज के पर्व तुलसी बिहाव बिधि के बरनन मोर गीत अंगना म चऊक पुराके, गन्ना के मड़वा छवाके। तुलसी महरानी ल..आसन देवव बईठाव....                                         आसन देवव बईठाव। (1)अंगना के तुलसी ल, सुघ्घर सिंगारव,         लुगरा  कपड़ा पहिराके,दुल्हिन बनाव, -टिकली अऊ फुंदरी ले..माला अऊ मुंदरी ले, दाई ल देवव सजाव..दाई ल देवव सजाव। (2)देव हमर सालिक राम, ऊहूल धर लावव,          मौरे मुकुट पहिराके, दूल्हा बना..वव। - सुघ्घर धोती पहिराके..दूल्हा बरोबर सजाके, मड़वा म लावव बईठाव..मड़वा म लावव बईठाव। (3)तुलसी अऊ सालिक ल, मड़वा  म बईठावव,         बिही चना भाजी अन-धन, दाई म चढ़ावव। -लुगरा अऊ कपड़ा ल..आनी-बानी जोरन सबला, दाई बर जोरन जोरव..दाई बर जोरन जोरव। (4)गौरी गनेश मढ़ावव, पूजा के थाली लावव,          पूजा बिधान ले,दोनो के बिहाव करावव। -कुवारी धागा ल घुमाके..जोड़ी संग गाठ बंधाके, मड़...

दीये तेरी अजब कहानी

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दीये तेरी भी अजब कहानी है। जीवन तेरी तेल की मेहरबानी है। तेल के रहते ही करते हो रोशन, तेल के साथ खतम जिन्दगानी है। तेरी रोशनी से होते जग रौशन, दीवाली भी तुझसे ही मनानी है। औरन के घर  कर उजियाले, अंधियारे मे जीवन बितानी है।         पवन नेताम "श्रीबासु"   सिल्हाटी,स/लोहारा, कबीरधाम

मेरा जन्म दिवस..

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आज मेरा और मेरे भांजे के जन्मदिवस पर आप सबका शुभ आशीष मिले..... हमारी मुस्कान से हर कली खिल जाये! कोयला भी हमे हीरा बनके मिल जाये! गर हमारी हाथ बढ़े तो सिर्फ परहित हो, ऐसा आप सबका आशीष मिल जाये!                   -*पवन & विरेंद्र*- 09/11/2018 pawanbirthday

मुक्तक (चित्र)

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इंसा मे अब धैर्य कहा, चंद दुख भी रूला जाते है। आये कही कटिले राह तो, पैर लड़खड़ा जाते है। सुख और दुख तो प्रकृति का नेह-नियम है पवन, अपनो से टूटकर देखो, पत्ते भी मुस्कुरा जाते है।            पवन नेताम "श्रीबासु" सिल्हाटी, स/लोहारा, कबीरधाम