मुक्तक

तस्वीर तेरी मेरे नैनन मे
याद तेरी है मेरे मन मे
अब जीना भी क्या जीना
जब तू ही नही जीवन मे
अब फुट गया मेरा दर्पण
फिर भी किये हो श्रिंगार
भूल गई 'पवन'का प्यार

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