फिल्टर पानी
फिल्टर पानी
कल मैं एक नई परम्परा से परिचित हुआ। मैं अपने दोस्त के छोटे भाई जिसके होने वाली जीवन साथी को पैसा पकड़ाने/ रिश्ता तय करने गए थे। उस लड़की व उनके परिवार को ये लोग पहले देखकर आ चुके थे और लड़की पक्ष भी लड़के के घर दिखाई हो चुका था। अब लड़के पक्ष से सहपरिवार जा कर लड़की को पैसा पकड़ाना अर्थात् रिश्ता तय करना तथा विवाह का दिन तिथि भी तय करना था।
लड़के पक्ष से हम लोग छः गाड़ी दस सीटर लगभग पैंसठ लोग थे तथा लड़की पक्ष से लगभग बीस-पच्चीस लोग थे। लड़की को सभी के बीच बुलाया गया कुछ पूछताछ क्योंकि पूछने-जानने का मामला पहली बार में हो चुका था। तत्पश्चात सभी का चरण वंदन सभी ने अपने इच्छानुसार लड़की को पैसा दिये। नारियल, मिठाई वितरण हुआ विवाह की दिन तिथि तय हुआ।
अब संध्या भोजन का समय था सभी को बैठाया गया,पत्तल पुड़ी पापड़ परोसें गए इसमें कुछ बच्चों की सहभागिता थी फिर एक वरिष्ठ व्यक्ति बड़े पात्र (पानदान जैसा) में डिस्पोजल ले के आया जो आधा भरा था पंक्ति सह सबको पूछते बांटते आया उनका पूछना था 'फिल्टर पानी, फिल्टर पानी' मैं अपने दोस्त के बड़े भैया के साथ बैठा था उसने नहीं लिया मुझे तो पानी की आवश्यकता थी क्योंकि पानी के बिना मेरा खाना शुरू ही नहीं होता तथा पहले ही निवाला में मुझे पानी की आवश्यकता होती ही है। बाजू वाले भैया हंसने लगे, मैने पूछा क्या हुआ वो बोले कुछ नहीं यूं ही हंसी आ गई। मैनै आचमन किया फिर पुड़ी तोड़कर खाया फिर पानी उठाया, और सहसा पीने से रूक गया। भैया से पूछा 'इसमें से कुछ अजीब सा खुशबू आ रहा है' भैया बोले 'वो तो आयेगा ही' मैंने पूछा क्यों ?
'क्योंकि वो पानी नहीं फिल्टर पानी है' मतलब? मतलब शराब है। मैंने तुरंत नीचे रखा और आश्चर्यवश पूछा आप लोगो के कार्यक्रम में पानी की जगह इसी को परोसा जाता है क्या ? भैया बोले उनके द्वारा अपने खुशियों को बांटने का तरीका है,उनकी इच्छा है। लगभग हमारे सभी कार्यक्रमों में परोसा ही जाता है। ज्ञात हो कि यह कार्यक्रम आदिवासी समुदाय का नहीं था यद्यपि यह कार्य आदिवासी समुदाय का होता तो यह अनुच्छेद लिखा ही नहीं जाता क्योंकि आदिवासी समुदाय में मंदिरा का समावेश सामान्य है उनके हर कार्यक्रम में समावेश होता ही है।
तब आज मुझे फिल्टर पानी शब्द का नया अर्थ संज्ञान में आया। विचार किया तो मन ने कहां अरे! पूछने वाले ने सही पूछा था 'फिल्टर पानी, फिल्टर पानी' क्योंकि वो फिल्टर करके ही तो बना है।
ये सब तो ठीक है पर मेरे मन में अब यह प्रश्न चलने लगा कि इतने लोगों के लिए उनको शराब में कितना खर्च करना पड़ा होगा ? और उनकी बजट रहा होगा कि नहीं? चूंकि यह केवल रिश्ता तय करने का कार्यक्रम था जिसमें 70-80 लोग थे, सगाई और विवाह में शराब पर कितना खर्च होगा....
पवन नेताम 'श्रीबासु'
सिल्हाटी, कबीरधाम (छ.ग.)
दिनांक - 6.12.2024
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