मैडम
यूरोप में जो वेश्याएं होती है, उनकी एक हैड होती है, जो बुढ़ापे में कदम रख चुकी होती है, ओर ग्राहक उसके पास जाना पसंद नही करते, ऐसे में उसे वेश्याओं की हैड बना दिया जाता है,
अंग्रेजो ने उन्हें नाम दिया "मैडम" का, मैडम शब्द विदेशी वेश्यालयों से चलते हुए भारत के वैशालयों मे प्रवेश कर गया, अब देखो यहां, लोग अपनी पत्नियों को, बहनो तक को अनजाने में मैडम कहकर पुकारते है,महिला अध्यापकों को, जो देवी का दर्जा रखती है,को भी मैडम सम्बोधन अच्छा लगता है।
जबकि भारत में किसी महिला के आगे श्री मति लगाया जाता है, श्री का अर्थ होता है 'लक्ष्मी' और मति का अर्थ होता है बुद्धि, अर्थात लक्ष्मी और सरस्वती जैसी देदीप्य स्त्री।
अब आप ही निर्णय लें कि अपने परिवार की महिलाओं को पश्चमी सभ्यता के अनुसार संबोधन देना है या फिर भारतीय संबोधन....!!!
जय मां भवानी जय मां भारती 🙏🙏
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