भारत सा देश मेरा, कहीं और नही नही
भारत सा देश मेरा,
कहीं औऱ नही नही।
ये धरती से स्वर्ग मेरा,
कहीं और नही नही।।
ऋषियों ने तप किये है,
हजारों हजार साल।
भागीरथी ने लाया है
गंगा को यूं उतार।2।
मेरे राम-श्रवन सा बेटा
कहीं और नही नही।।
ये धरती से------
सतियों की ये धरा है
महिमा है अपार।
गंगा है मात मेरी जो
करती है उद्धार।2।
यहाँ राधा मीरा सा प्रेम
कहीं और नही नही।
ये धरती से........
गीता का ज्ञान बांटने,
वाले को है नमन।
विष को पीने वाले,
मेरे भोले को है नमन।
यहां सबरी की जैसे भक्ति
कहीं और नही नही
ये धरती से........
भारत सा देश मेरा
कहीं और नही नही
धरती से स्वर्ग मेरा
कहीं और नही नही।
लक्षमण ,भरत सा भाई
कहीँ औऱ नही नहीं ।
भारत सा देश मेरा
कहीँ औऱ नही नही।
रचनाकार -डॉ तुलेश्वरी धुरंधर
अर्जुनी,जांगड़ा,बलौदाबाजार।
एक परिचय
डॉ तुलेश्वरी धुरंधर
पति- श्री कृष्ण कुमार धुरंधरउम्र
उम्र- 43 वर्ष
शिक्षा- एम ए राजनीति एम ए लोकप्रशासन ,एम फिल,पी एच डी राजनीति विज्ञान
कार्य- शिक्षकीय
पता- अर्जुनी बलौदाबाजार भाटापारा छत्तीसगढ़
मोबाइल नम्बर-8120136154
पद/कार्यभार-
वर्तमान में भी केन्द्रीयकार्य करणी की सदस्य,
कुर्मी महिला मंडल बलौदाबाजार में उदघोषक
2018-2019 में महिला संगठन मंत्री
विश्व हिंदू परिषद में ज़िला सह संयोजिका,
अब तक प्राप्त अवार्ड
1,कुर्मी समाज द्वारा एम फील में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर प्रतिभावान सम्मान ।
2,पी एच डी मिलने पर समाज द्वारा प्रतिभावान सम्मान।
3,आठो राज मनवा कुर्मी समाज द्वारा शक्ति स्वरूपा सम्मान ।
वक्त मंच रायपुर द्वारा कविता वचन के लिए कलमकार सम्मान से सम्मानित किया गया2019 में।
22 ,09,2019 को राजिम में साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया।
2 बार आकाशवाणी में मेरी कविताओं का प्रसारण हो चुका है।
दूरदर्शन में भी युवा मंच में प्रतिभागी
एवं मंचीय कवयित्री
पता- ग्राम पोस्ट अर्जुनी, सोनी आरा मिल के पीछे भठ्ठर कालोनी में ,बलौदाबाजार

अद्भुत रचना
जवाब देंहटाएंThanks भाई
हटाएंThanks भाई
जवाब देंहटाएंशानदार रचना ।हार्दिक बधाई और शुभकामनायें आदरणीया।
जवाब देंहटाएंधन्यवाद भाई
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