तुम अगर साथ दो तो सम्हल जाऊँगा
तुम अगर साथ दो तो,सम्हल जाऊँगा।
मुश्किलों के भँवर से निकल जाऊँगा।
-जिंदगी के सफर में है,फिसलन बहुत
थाम लो हाथ वरना फिसल जाऊँगा।
1)मैं समंदर हूँ गर,तुम हो लहरे मेरीssss
मैं गजल हूँ अगर,तुम हो बहरें मेरी-2
- मैं बदन हूँ वो जिसका,तुम्ही रूह हो
साथ छोड़ोगे गर,तो मैं मर जाऊँगा!!
2)धोखे खाकर सदा ही,मैं रोता रहाsss
पीकर आँसू सदा ,प्रेम बोंता रहा-2
- पीर सहकर मेरा दिल है पत्थर हुआ-2
प्यार पाकर तुम्हारा, पिघल जाऊँगा!
3)मुद्दतो से थी रूठी,ये मुस्कान हैsss
जाने गुम थी ,कहां मेरी पहचान है-2
- हाथ थामा है गर,तो ये वादा रहा-2
मैं वो मौसम नही जो बदल जाऊँगा।
पवन नेताम 'श्रीबासु'
सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम
मुश्किलों के भँवर से निकल जाऊँगा।
-जिंदगी के सफर में है,फिसलन बहुत
थाम लो हाथ वरना फिसल जाऊँगा।
1)मैं समंदर हूँ गर,तुम हो लहरे मेरीssss
मैं गजल हूँ अगर,तुम हो बहरें मेरी-2
- मैं बदन हूँ वो जिसका,तुम्ही रूह हो
साथ छोड़ोगे गर,तो मैं मर जाऊँगा!!
2)धोखे खाकर सदा ही,मैं रोता रहाsss
पीकर आँसू सदा ,प्रेम बोंता रहा-2
- पीर सहकर मेरा दिल है पत्थर हुआ-2
प्यार पाकर तुम्हारा, पिघल जाऊँगा!
3)मुद्दतो से थी रूठी,ये मुस्कान हैsss
जाने गुम थी ,कहां मेरी पहचान है-2
- हाथ थामा है गर,तो ये वादा रहा-2
मैं वो मौसम नही जो बदल जाऊँगा।
पवन नेताम 'श्रीबासु'
सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम

अदभुत पंक्तियाँ अनुज,,खूब आगे बढ़ो!
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