मुक्तक

(1) 💁💁मोहब्बत मे दावा करना हमे भी
       आता है.।
       बस तेरे मुकर जाने का डर बना रहता है....।।

(2) 👁👁तेरी नजरो की तीर सीधे दिल को छू 
      जाती है....
       फिर
       कभी तू नजर आती है तो कभी तेरी याद 
        सताती है....

(3)  अपने 'प्यार' को यू जाया न कर 'नेताम'...
       किसी प्यासे को पिला दे,
        दुआ तो मिलेगी....

(4) 'प्यार' और पपीहे का प्यास,

     दोनो को सुकून विशेष नक्षत्र मे मिलते है।।

(5) जऩाब मोहब्बत करनी है तो पहले,

     तन्हाई को गले लगाना सिख ले।।

(6) कौन कहता है मोहब्बत घाटे का सौदा है?

      वो हमेशा देती है,
      मिलने पर 'प्यार' और बिछड़ने पर "याद'

(7) पगले तू भुल ही कैसे जाता है
      जमाने की रंगत ही ऐसी है..।।

(8)  तुम आ जाओ मेरी कलम की स्याही बनकर.
       मैं तुम्हें अपनी ज़िन्दगी के हर पन्ने में उतार दूँ

(9)  इंसान भगवान की कीमत नही समझते,
       तो प्यार की क्या समझेंगे...।।।

(10) अपने 'प्यार' को यू जाया
         न कर 'नेताम'...
         किसी प्यासे को पिला दे,
         दुआ तो मिलेगी....
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