शनि देव के महिमा भारी हे जी
दुख-सुख के संगवारी ए जी, शनिदेव के महिमा भारी हे जी।। शनिदेव के महिमा भारी हे जी-2 कष्ट हरन अवतारी ए जी शनिदेव के महिमा... (1)दुख आये त एखर शरण म आवव, ब्रह्म मुहूर्त शनिदेव ल मनावव। सरसो के तेल शनिदेव ल नहवावव, गुड़ अऊ तिल के लड्डू चढ़ावव। दुखिया के पालनहारी जी-2 (2) बांझन मन इही डेहरी म आथे, दुखियारिन शनिदेव ल गोहराथे। बिधि बिधान पूजा कर मनाथे, शनिदेवता के फेर आशीष ल पाथे। लईका के सुन किलकारी ए जी-2 (3) शनिदेवता ल अशुभ झन मानव, मुक्ति देवइया देवता एला जानव। सतकर्मी ह सुख फल पाथे, ...