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पहली होली के दुख

...........पहली होली के दुख........... करेव बिहाव कुवारा दुख जान के, सुवारी लायेव दाई-ददा के बात मान के। त का होगे, अरे का जादू डार दिए सुरता भुलावत नइ हे.. मइके चलदिस सुवारी ह आवत नइ हे। नाचत लाये...

मुट्ठी मे नमक

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     हरदम आँसू बहाना अच्छा नही होता! हर किसी पर विश्वास जताना अच्छा नही होता!   लोग यहाँ मुट्ठियों मे नमक लेकर घूमते हैं, सबको अपने जख्म दिखाना अच्छा नही होता!                पवन नेताम 'श्रीबासु'       सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम              संपर्क-9098766347            @ सर्वाधिकार सुरक्षित!

हिरण के चक्कर

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हिरण हिरण हिरण, ऐ हिरण के चक्कर काहे यार। सबो डहर चलत हे ओखरे बयार। सोना के बनके राम ल लंका घुमादिस। काला हिरण बनके सलमान ल जेल भेजवा दिस। सलमान ल इतना तो समझना चाहिए- जब जब कोई महिला के हाथ होथे। तब तब सफलता/असफलता साथ होथे। नीलम तब्बू सोनाली सलमान ल उकसाईस। बेचारी हिरण के छाती म गोली चलाईस। एक बात सत हे, होना तो उही गत हे। अहमदाबाद ले होईस जब नारी के अपमान। पहुचिस जोधपुर, खतम होगे सम्मान। फेर करिस नारी के अपमान । पाईस उही जोधपुर म अस्थान। कृपया अन्यथा न लेवे।                        पवन नेताम 'श्रीबासु'                सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम