हिरण हिरण हिरण, ऐ हिरण के चक्कर काहे यार। सबो डहर चलत हे ओखरे बयार। सोना के बनके राम ल लंका घुमादिस। काला हिरण बनके सलमान ल जेल भेजवा दिस। सलमान ल इतना तो समझना चाहिए- जब जब कोई महिला के हाथ होथे। तब तब सफलता/असफलता साथ होथे। नीलम तब्बू सोनाली सलमान ल उकसाईस। बेचारी हिरण के छाती म गोली चलाईस। एक बात सत हे, होना तो उही गत हे। अहमदाबाद ले होईस जब नारी के अपमान। पहुचिस जोधपुर, खतम होगे सम्मान। फेर करिस नारी के अपमान । पाईस उही जोधपुर म अस्थान। कृपया अन्यथा न लेवे। पवन नेताम 'श्रीबासु' सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम