हमारे दिल के अंधेरो मे रोशनी दे दो। करले तु मोहाब्बत जिन्दगी दे दो। किया भूख ने मजबूर खुदखुशी के लिए। मिटा न सको भूख तो खुदखुशी दे दो। करू जो जिक्र मोहाब्बत तो बावला होकर। म...
................ *गज़ल*.................. मिन्नतों के बाद भी जो कभी मिला नही न जाने क्यों आज वो पास आने लगे! जिन्हें अपना बनाने के बुने थे कई सपने उन सपनों को वो हकीकत बनाने लगे। मरुथल सा था दिल मेरा आबाद हो ...
कोई पूछते फुल खिले तो कैसे लगते है। कोई पुछते दिल मिले तो कैसे लगते है। अब वो मिले तो इसे दिखाकर कहूँगा, तेरे सवाल के जवाब मे ये कैसे लगते है। *पवन नेताम "श्रीबास...