वाह रे राजनितिक बेवस्था, अपन करत हे विकास, जनता होवत हे बर्बाद। नेता ह योजना ल गटकत हे। किसान ह फांसी म लटकत हे।। इहा होवत हे मरे बिहानी। का अईसने म होही किसानी।। जइसे हावय झंडू बाम, एक बाम तीन काम, झूठ,लूट,घुसखोरी हे पहचान।। अऊ लूटमारी हे बेकिंग राज। जेमा अंदर तो होवत हे बदमाश। पर जनता ल बेंक लूटत हे। जइसे मूसवा ल बिलई तुकत हे।। ट्रांजक्शन कहू तीन ले पार होही। 173 रूपया के लूटमार होही।। वाह रे राजनितिक बेवस्था, अपन करत हे विकास, जनता होवत हे बर्बाद। 💥💥💥💥💥💥💥💥 पवन नेताम 'श्रीबासु' सिल्हाटी, स/लोहारा