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मतला

* तु दो चार को खुशी देकर बड़ा मत समझ 'पवन'। * * तुझसे तो बड़ा शराब है जो सैकड़ो का गम मिटाता है।। * *जख्म भरने के लिये ही इश्क कर लो साहब* * कम से कम दिलासा तो मिलती रहेगी।*            ✍🏻पवन नेताम 'श्रीबासु'

मुक्तक

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औरों की बुराई को न देखूँ वो नजर दे, अपनी बुराई को परखने का हुनर दे मुझे तो अपनी महल खड़े करने का हिम्मत दे दिये, ऐ खुदा अब इन भुखे-नंगो को बसर दे।                  पवन नेताम 'श्रीबासु'

मुक्तक

मुहब्बतनामा क्या बताऊँ अब मैं, तु कैसी दिखती है दाग हटा दें बस, चांद जैसी दिखती है।                         पवन नेताम

मोर गांव के सुख-दुख

छानी म खपरा, भिथिया म माटी, तोर गीत गुनगुनाववववव अइसन सिल्हाटी मोर गांव।2। उगती म बैठे सहड़ा देव, बूढ़ती बिराजे दंतेश्री ह। अलिन गलिन म गौरा चौरा बीच म मोरे बंजरंग बली ह। शीतल...