महि तो आदिवासी अँव
विश्व आदिवासी दिवस ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ महि तो आदिवासी अँव,महि तो मूल निवासी अँव बीरनरायन,बिरसा मुंडा,रामाधीन गोंड,चेंदरू बैगा रानी दुर्गावती,गुंडाधुर अउ प्रवीरचंद के नाती अँव महि तो............ !! करमा,सरहुल,रेला,लैंजा गुरतुर मांदर के सङ्ग उड़त हवै फुरफुर, पागा कलगी सङ्ग ये गेंड़ी नाँचव चिरई-चिरगुन के भांखा बाँचव ! मँय जंगल के रहवासी अँव........ कोदो,कुटकी,मड़िया अउ जुवांर अमली,अंवरा,मउँहा के रखवार, हर्रा,बहेरा,तेंदू,लाख,चार चिरौंजी बाघ,भालू सङ्ग खेलन मनमौजी ! मँय धनुषधारी बनवासी अँव....... दवई गोंटी के ये हवय खज़ाना कइसे का के संसो तंहि बताना, माटी म उपजेन,माटी म बाढ़ेन हम प्रकृति सङ्ग म रास रचायेन ! मँय बूढ़ादेव के दासी अँव.......... कतको ये मूल धरम ल बांटत हे नवा- नवा देव बना के छाँटत हे, सिधवा मन के करत हे सियानी मेटे बर भिंड़े हे ये हमर कहानी ! मँय प्रकृति के घाँसी अँव........... --- राजकुमार 'मसखरे' 09/08/2023 भदेरा (पैलीमेटा/गंडई),जि-केसीजी (छ.ग...