सियासी भेड़िया
सदन में मौन ही रहते वतन के जो सवालों पर। बहस छीड़ी मुद्दे की तो खो जातें खयालों पर। अदातन लचार ये सियासी भेड़िया है पवन, नजर है गिद्ध के जैसी सदा उनकी घोटालों पर। पवन नेताम "श्रीबासु" सूर साहित्य समिति कबीरधाम मोबा.-9098766347