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दिसंबर, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मुक्तक संग्रह

मेरी कलम से... मुल्क का मौसम बदलते जा रहे है! कई लूट गया कई लुटते  जा रहे है! न जाने कितने बेवफ़ा भरे जमाने मे, हर आश़िक का दिल टुटते जा रहे है! बाली चाँदी के थे सोने का दाम क्यो लिखा। जो हुआ ही नही था प्रेम तो अंजाम क्यो लिखा। गर है जरा भी नही मुझ नाचीज़ से दिल्लगी, तो छुप-छुप के मेंहदी से मेरा नाम क्यो लिखा।         बिजली चमक रही है,बादल गरज रहे है। टकराई दो जवानी, सोला धधक रहे है। तूने झुकाई जो निंगाहे, अंधेरा हो आया, वार हमपे हो रहा है,कातिल समझ रहे है। गरजता है बरसता है, प्रणय मनुहार करता है! बड़ी सिद्दत सेअपने,प्यार का इजहार करता है! जरा भी रुठ जाऊँ तो,न आता चैन है उनको, मनाता है  हँसाता है, मुझे वो प्यार करता है! मोहब्बत की कहानी, सुनाने कौन आएगा! दिले नादां पे एतबार, जताने कौन आएगा! वाद़ा रहा कभी तुमसे , खिलाफ़ी नही होगी, तुम्ही गर रूठ जाओगे,मनाने कौन आएगा! मुझे रह रह के तेरा मुस्कुराना याद आता है। वो नजरो से तेरा प्यार जाताना याद आता है। जो पूनम भी, तुझे देखे, तो वो शरमा जाये, वो चेहरे से तेरा जुल्फ़ हटाना याद आया...

सरकार बदल गई

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11 दिसंबर 2018 चुनाव घोषणा, लगातार 15 वर्षों तक भाजपा की सरकार के बाद काग्रेंस सरकार बनने साथ ही जब शराब  की ठेका भाजपा सरकार चला रही थी तब  शराब ने क्या किया इस पर एक व्यंग रचना.. --------------------– शराब पीने से इंसान बदल जाता है। शराबी घर का महौल बदल जाता है। पर आज शराब ने नया ट्रैक पकड़ा है। अपनी व्यापार से सरकार को बदला है। योजना बनेगी अब नई सरकार का तगड़ा। चल रही योजनाओं मे  होगा अब लफड़ा। जनता को पड़ी है नौकरी,बोनस,व्यापार की। मुफ्त मे मिल जाये सब, ऐसे सरकार की। जागरूक जनता है अब बर्बाद नही होगा। एक ही सरकार का  अब राज  नही होगा। देखते है राम मंदिर बनाने मे कितना जोर होगा। वर्षों से चल रही है फैसले का  क्या तोड़ होगा।             पवन नेताम 'श्रीबासु'      सिल्हाटी, स/लोहारा, कबीरधाम @ यह रचना किसी पार्टी विशेष पर नही है अन्यथा न लेवें।

बेटी बचाओ

             -–------गीत---------- बेटी खुशियों की होती छांव..भैया बेटी बचाओ बेटी बचाओ भैया बेटी बचाओ-2  बेटी अंगना.... बेटी के बिना जग अंधियारा, सूना होगा ये जग सारा। गर बेटे को तुम चाहते हो, ब...

मै बलिदान हो जाहूं

मोर धरती हे पावन भुइंया...-एला माथ नवाहू। भारत भुइयां के रक्षा खातिर मै बलिदान हो जाहूं।                   जनम धरिन इहे गौतम गांधी,अवंतिका लक्ष्मी रानी ह। इही धरती के सेवा कर...

Leja Leja re

https://youtu.be/IoMTVZIZFOE

हमर भुइंया के भगवान

गुरुवार, 14 जुलाई 2016 पागा कलगी-13/38/पवन नेताम 'श्रीबासु' विसय - माटी के मितान --------------------------------------------------------- छत्तीसगढ़िया रे किसान, हमर माटी के मितान।। खेती करव रे किसान, हमर भुईंया के भगवान।। धरव नांगर ...