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शुभ वाक्य

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   बनो तो काँच  नही,   जो सबको चुभता है। बनना है तो आईना बनो,    पूरी दुनिया देखेगी!           ✍पवन नेताम 'श्रीबासु'

ममता

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सागर की लहरे जैसे किनारो पे छलकता है। कलियो की खुशबू बगवन मे म हकता है। माँ तेरी सच्चाईयो पर सिर्फ इतना कहू, जन्नते आलम माँ तेरी ममता मे झलकता है।                           ...

सूक्तिया

(1)             आपका आज           बीते हुए कल का परिणाम है। (2) खोया हुआ धन मिल सकता है।             खोया हुआ समय नही (3)                 अच्छी सोच          अच्छे विचार का जन्मदाता है। (4)

मतला

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प्यार कोई दौड़ नही जिसमे पहला दुसरा तीसरा हो, प्यार, प्यार होता है।             पवन नेताम 'श्रीबासु'